ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के विधि-विधानों के बीच श्रद्धालुओं ने प्रज्वलित की आस्था की ज्योति, मावली मंदिर में भी हुई ज्योति कलश स्थापना
जगदलपुर। ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन बस्तर अंचल के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। माता के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में लंबी कतारें देखने को मिलीं। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मनोकामना ज्योति भी प्रज्वलित की।

नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही पूरे बस्तर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। वहीं, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के प्रमुख धार्मिक विधि-विधानों के अंतर्गत कलश स्थापना और जोगी बिठाई का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। बस्तर की पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और देवी आराधना ने पूरे अंचल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
कुमार जयदेव ने मां दंतेश्वरी और मां मावली के दरबार में की पूजा-अर्चना

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के बड़े भाई कुमार जयदेव ने मां दंतेश्वरी और मां मावली मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता से बस्तर सहित पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को नवरात्र और बस्तर दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि मां दंतेश्वरी सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें और हर परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार हो।
कुमार जयदेव ने किरण सिंह देव के स्वास्थ्य के संबंध में बताया कि वे सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे, लेकिन अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि किरण सिंह देव शीघ्र ही मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इस दौरान उन्होंने अपने छोटे भाई के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए भी माता से प्रार्थना की।
मावली मंदिर में बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज ने की ज्योति कलश स्थापना
नवरात्र के प्रथम दिन मावली मंदिर में भी धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण रहा। यहां बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज के तत्वावधान में ज्योति कलश स्थापना का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में कुमार जयदेव भी शामिल हुए। उन्होंने माता के दरबार में पूजा-अर्चना कर आस्था की ज्योति प्रज्वलित की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
ज्योति कलश स्थापना के साथ ही श्रद्धालुओं ने माता के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान ने बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं की झलक प्रस्तुत की।
प्रधान पुजारी बोले—बस्तर सुख-समृद्धि और धन-धान्य से परिपूर्ण हो
मां दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी कृष्ण कुमार पाढ़ी ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। भक्त माता के दर्शन कर रहे हैं, अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए संकल्प ले रहे हैं और श्रद्धापूर्वक आस्था की ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मां दंतेश्वरी से उनकी प्रार्थना है कि बस्तर अंचल सुख-समृद्धि और धन-धान्य से परिपूर्ण रहे तथा सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों।
उन्होंने बताया कि बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध परंपराओं, जनआस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। दशहरा के दौरान विभिन्न पारंपरिक धार्मिक विधान संपन्न होते हैं, वहीं शारदीय नवरात्र में देवी आराधना का विशेष महत्व रहता है।
बस्तर के अन्य देवी मंदिरों में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नवरात्र के पहले दिन मां दंतेश्वरी और मावली मंदिर के अलावा बस्तर अंचल के विभिन्न देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। शीतला माता मंदिर सहित छोटे डोंगर, बड़े डोंगर और गिरोला स्थित मंदिरों में सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की तथा मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की। नवरात्र के पहले दिन से ही धार्मिक स्थलों पर दिखाई दे रही रौनक बस्तर की गहरी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों की श्रद्धा को दर्शाती है।
इस अवसर पर बस्तर क्षेत्रीय धाकड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष योगेश ठाकुर सहित पीताम्बर ठाकुर, मुरली सिंह, देवेंद्र राठौर, प्रकाश रावल, रविन्द्र दास, मनोज जंगम, विवेक जैन और धीरज मेहरा सहित समाज की महिलाएं भी उपस्थित रहीं।






