यात्री किराए के विषय का शीघ्र होगा समाधान, परिवहन विभाग की अधिकाधिक सेवाएं होंगी ऑनलाइन

बस ऑनर फेडरेशन के साथ परिवहन मंत्री केदार कश्यप की सार्थक चर्चा, महिला यात्रियों की सुरक्षा और बसों की ऑनलाइन ट्रैकिंग पर विशेष जोर

रायपुर, 09 सितंबर 2026। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में बुधवार को बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बस संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में यात्री किराए के पुनर्निर्धारण, स्लीपर बसों के टैक्स, बसों की समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, फिटनेस प्रमाण-पत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा सहित परिवहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने बस संचालकों द्वारा रखी गई मांगों एवं व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस संचालकों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान किया जाए और यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

यात्री किराए के विषय का शीघ्र होगा समाधान

बैठक में फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत तथा डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी। साथ ही 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने का विषय भी मंत्री के समक्ष रखा गया।

परिवहन मंत्री श्री कश्यप ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यात्री किराए से जुड़े विषय का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

स्लीपर बसों के टैक्स पर गंभीरता से विचार

फेडरेशन ने स्लीपर बसों में एक स्लीपर के बदले दो सीटों का टैक्स लेने की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव करते हुए एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स निर्धारित करने की मांग रखी। बस संचालकों ने इससे जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों से भी मंत्री को अवगत कराया।

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मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को इसके व्यावहारिक, तकनीकी एवं राजस्व संबंधी पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

बसों की समय-सारिणी व्यवस्थित करने के निर्देश

स्टेज कैरिज बसों के बीच समय-अंतराल निर्धारित करने के विषय पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट तथा ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर निर्धारित करने का सुझाव दिया।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बसों की समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को पर्याप्त परिवहन सुविधा मिले और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की स्थिति न बने। उन्होंने यात्रियों की सुविधा एवं बसों के सुव्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

परमिट सहित अधिकाधिक परिवहन सेवाएं होंगी ऑनलाइन

बैठक में स्टेज कैरिज वाली यात्री बसों के लिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन परमिट जारी करने की सुविधा का विषय भी रखा गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं।

परिवहन मंत्री ने परमिट सहित परिवहन विभाग की अधिकाधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि बस संचालकों और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया को भी प्रभावी एवं समयबद्ध बनाया जाए।

महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर

परिवहन मंत्री ने बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस में पहली अथवा अंतिम सवारी महिला होने की स्थिति में वाहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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उन्होंने बसों में लगे कैमरों, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला यात्रियों के सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने तक बस की स्थिति की निगरानी के लिए तकनीक आधारित प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं बस संचालक

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में यात्री बसें आम नागरिकों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में बस संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने के साथ यात्रियों के हित एवं सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को बैठक में उठाए गए सभी विषयों का बिंदुवार परीक्षण करने तथा जिन मांगों पर विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है, उनमें शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परिवहन सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी, सुरक्षित एवं जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के संरक्षक श्री संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, फेडरेशन के अध्यक्ष श्री अनिल पूसदकर, श्री अजय सिंह गिल, श्री भावेश दुबे, श्री सत्यानंद पाण्डेय, श्री सुदीप शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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