संभागीय अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण के निर्देश, किसानों को बीज-खाद और फसल ऋण की सुलभता सुनिश्चित करने पर जोर

जगदलपुर। बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने संभाग स्तरीय अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर शासन की योजनाओं के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से मैदानी स्तर पर पहुंचकर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने, समस्याओं का त्वरित समाधान करने तथा आम नागरिकों को योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।

बुधवार को आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि अधिकारी मैदानी अमले को बेहतर सेवाएं देने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का तत्काल निराकरण करें।

वर्षा ऋतु को देखते हुए उन्होंने बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए सभी संबंधित विभागों को समय पूर्व व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर राहत एवं बचाव दल, संचार व्यवस्था, आवश्यक सामग्री और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ ही पहुंचविहीन एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कमिश्नर ने सामान्य से कम वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आकस्मिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

उन्होंने किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों, वैकल्पिक फसलों तथा सूखा सहनशील बीजों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही किसानों को बीज, खाद एवं कृषि आदान सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

इसे भी पढ़िए -   ज्ञानगुड़ी' के नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ, कलेक्टर और एसपी ने युवाओं को दिए सफलता के मंत्र

उन्होंने कहा कि किसानों को फसल ऋण की आसान उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा पशुपालन एवं मत्स्यपालन गतिविधियों के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाए।कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, निरीक्षण और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, वन तथा नगरीय प्रशासन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर श्रीमती गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *