आस्था के पथ पर सेवा की ढाल-दंतेवाड़ा और गिरोला जाने वाले पदयात्रियों के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 25 से अधिक केंद्रों पर 24 घंटे उपचार की छांव

शारदीय नवरात्र और बस्तर दशहरा के पावन अवसर पर जब कदम मां दंतेश्वरी के दर्शन की अटूट आस्था लेकर दंतेवाड़ा और गिरोला की राह पकड़ते हैं, तब भक्तों के इसी जज्बे को संबल देने स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सेवा की मजबूत ढाल बिछा दी है। मीलों लंबे इस कठिन सफर में श्रद्धालुओं के थके पैरों और जख्मों पर मरहम लगाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बस्तर सहित विभिन्न मार्गों पर 25 से अधिक स्थानों पर पदयात्री स्वास्थ्य सेवा केंद्र सक्रिय किए गए हैं।

पदयात्रियों के लिए इस विशेष व्यवस्था के तहत 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक दिन-रात यानी 24 घंटे अनवरत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को बीच राह असहनीय पीड़ा से न जूझना पड़े। पदयात्रा की निरंतर थकान, पैरों में उभरने वाले छाले और मांसपेशियों के खिंचाव को देखते हुए इन शिविरों में दर्द निवारक स्प्रे, विशेष मलहम, पेन किलर और त्वरित प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की पूरी किट तैनात रखी गई है।

श्रद्धालुओं के प्रवाह को देखते हुए आसना नाका, जियाडेरा, बालाजी कोल्ड स्टोर, पण्डरीपानी, आड़ावाल नाका, सिरहासार चौक, बिजली गार्डन ढाबा और बस्तर परिवहन संघ जैसे मुख्य पड़ावों पर स्वास्थ्य अमले को तीन पालियों में मुस्तैद किया गया है।

यहां एएनएम, आरएचओ, मितानिन व सीएचओ की टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहकर हर गुजरते पदयात्री को राहत पहुंचा रही हैं, जबकि आपातकालीन स्थितियों के लिए जीवनरक्षक एम्बुलेंस और त्वरित दवा वितरण दल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

नोडल अधिकारी डॉ. टीएस नाग के नेतृत्व में जारी इस अभियान ने साफ संदेश दिया है कि मां के दरबार की ओर बढ़ते आस्था के इन कदमों को न थकान रोक सकेगी और न ही कोई दर्द, क्योंकि हर मोड़ पर सेवा का संकल्प पूरी सक्रियता के साथ दे रहा है।

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