जगदलपुर। पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रदेश सरकार से बाढ़ प्रभावितों को वास्तविक राहत और न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बस्तर में ही करीब 8 से 9 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने कई परिवारों का सब कुछ प्रभावित कर दिया है। शहर से लेकर गांवों तक लोग इस आपदा से समान रूप से प्रभावित हुए हैं।

रेखचंद जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस गंभीर स्थिति में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बाढ़ में नष्ट हुए दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रियाओं और नियमों में आवश्यक शिथिलता प्रदान करने की पहल करनी चाहिए। बाढ़ के कारण कई लोगों की मार्कशीट, राशन कार्ड, जमीन से संबंधित दस्तावेज समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट होने की बात सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति और पुनः जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना जरूरी है, ताकि आपदा के बाद उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मीडिया को जारी बयान में जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली घोषणाएं केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों तक पहुंचना चाहिए।
पूर्व विधायक ने शासन-प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों के नुकसान का वास्तविक और उचित आकलन कर मुआवजा दिए जाने की मांग की है।






