23 सितंबर का अनोखा संयोग: एक ही तारीख से जुड़ीं यादें, जन्मदिन और किरण सिंह देव की घर वापसी… आखिर क्या है पूरा मामला? आइए जानें

जगदलपुर। 23 सितंबर की तारीख सुकमा के जमींदार परिवार के लिए इस बार महज कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि स्मृतियों, भावनाओं, प्रार्थनाओं और खुशियों के अनोखे संयोग के रूप में सामने आई है। इसी दिन परिवार के वरिष्ठ सदस्य स्वर्गीय अमरदेव पंचतत्व में विलीन हुए थे। वहीं 23 सितंबर को परिवार के प्रिय बड़े भाई कुमार जयदेव और उनके पोते तेजस्वी का जन्मदिन भी है।

इन भावनाओं के बीच इस वर्ष 23 सितंबर का दिन परिवार के लिए एक और बड़ी खुशी लेकर आया है। परिवार के लाडले किरण सिंह देव गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य लाभ लेकर दिल्ली से अपने गृहप्रदेश छत्तीसगढ़ लौट रहे हैं।

दुःख की स्मृति से खुशी की वापसी तक

23 सितंबर परिवार के लिए ऐसी तारीख है, जिसमें एक ओर अपनों को खोने की पीड़ा और उनकी स्मृतियां जुड़ी हैं, तो दूसरी ओर इस बार इसी तारीख ने खुशियों और राहत का अवसर भी दिया है।

किरण सिंह देव के सड़क हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने आने पर बस्तर सहित पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल बना था। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में हुए सड़क हादसे के बाद उनका दिल्ली में उपचार चला। इस दौरान परिवार के साथ-साथ प्रदेशभर के लोगों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं कीं।

अब स्वास्थ्य लाभ के बाद उनके छत्तीसगढ़ लौटने की खबर परिवार और उनके शुभचिंतकों के लिए राहत और खुशी का अवसर बन गई है।

भाई के लिए दो महीने तक पूजा-पाठ और प्रार्थना

किरण सिंह देव के बड़े भाई कुमार जयदेव ने उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थनाएं कीं। संकट की इस घड़ी में उन्होंने विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंचकर अपने छोटे भाई के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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बताया गया कि सावन के पूरे महीने विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना, महामृत्युंजय जाप और धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। कई स्थानों पर भंडारे भी आयोजित किए गए। इन सभी प्रयासों के पीछे परिवार की एक ही कामना थी कि किरण सिंह देव जल्द स्वस्थ होकर परिवार और अपने प्रदेश के बीच वापस लौटें।

“आज की खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकता”

कुमार जयदेव ने अपने छोटे भाई के स्वस्थ होकर लौटने पर भावुकता व्यक्त करते हुए कहा कि यह खुशी उनके लिए शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

उन्होंने कहा, “मेरा लाडला छोटा भाई स्वस्थ होकर वापस आ रहा है, इससे बड़ी खुशी मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकती। संकट की इस घड़ी में जिस तरह पूरे प्रदेश, बस्तर और देशभर के लोगों ने उनके लिए प्रार्थना की और अपना स्नेह दिया, उसके लिए मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरा आशीर्वाद हमेशा अपने छोटे भाई के साथ रहेगा।”

बस्तर से रायपुर तक स्वागत की तैयारी

किरण सिंह देव के गृहप्रदेश लौटने की खबर के बाद बस्तर में भी उत्साह का माहौल है। उनके स्वागत के लिए बस्तर से बड़ी संख्या में लोग रायपुर पहुंच रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से उनके समर्थक, शुभचिंतक और कार्यकर्ता भी राजधानी पहुंचने की तैयारी में हैं।

करीब दो महीने की चिंता, उपचार और प्रार्थनाओं के बाद 23 सितंबर का यह दिन परिवार और उनके शुभचिंतकों के लिए राहत और खुशी का संदेश लेकर आया है।

एक तारीख, चार भावनाएं

23 सितंबर की कहानी अपने आप में खास है—

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🔸 स्वर्गीय अमरदेव की स्मृति — इसी दिन पंचतत्व में विलीन हुए।

🔸 कुमार जयदेव का जन्मदिन — परिवार के वरिष्ठ और प्रिय सदस्य।

🔸 तेजस्वी का जन्मदिन — परिवार की नई पीढ़ी की खुशी।

🔸 किरण सिंह देव की घर वापसी — सड़क दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य लाभ लेकर छत्तीसगढ़ लौटना।

यही वजह है कि इस वर्ष 23 सितंबर सुकमा के जमींदार परिवार के लिए एक ऐसी तारीख बन गई है, जिसमें दुःख की स्मृतियां, जन्मदिन की खुशियां, लंबी प्रार्थनाएं और अपनों की घर वापसी की राहत—चारों भावनाएं एक साथ जुड़ गई हैं।

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