जगदलपुर। गणेश उत्सव के बीच पर्यावरण संरक्षण और सनातन परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश देते हुए जगदलपुर महापौर संजय पांडे ने अपने घर से एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने अपने घर में स्थापित मिट्टी की गणेश प्रतिमा का परिवार और वार्डवासियों की मौजूदगी में विधि-विधान से घर में ही विसर्जन किया।

महापौर ने इस पहल के जरिए शहरवासियों से अपील की कि गणेश उत्सव में आस्था और श्रद्धा के साथ प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझें।

“सनातन परंपरा प्रकृति के सम्मान की सीख देती है”
महापौर संजय पांडे ने कहा कि सनातन परंपरा केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें प्रकृति और उसके प्रत्येक स्वरूप के प्रति सम्मान की भावना भी सिखाती है।

उन्होंने कहा, “भगवान गणेश की पूजा करते समय यदि हम पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेते हैं तो यह हमारी आस्था को और सार्थक बनाता है।”

उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव श्रद्धा और विश्वास का पर्व है। इस पर्व को मनाने के तरीके में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को शामिल करना किसी परंपरा से दूर जाना नहीं, बल्कि सनातन की मूल भावना को प्रकृति के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना है।
“जो संदेश शहर को देना है, उसकी शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए”महापौर ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से अपने घर में मिट्टी के गणेश की स्थापना करते आ रहे हैं और पूजा के बाद प्रतिमा का घर में ही विसर्जन करते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं शहरवासियों से पर्यावरण संरक्षण की अपील करूं और खुद अपने घर में इसका पालन न करूं, यह उचित नहीं है। जो संदेश हम समाज को देना चाहते हैं, उसकी शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए।
”संजय पांडे ने बताया कि मिट्टी की प्रतिमा का घर में विसर्जन करना बेहद सरल प्रक्रिया है। प्रतिमा धीरे-धीरे मिट्टी में मिल जाती है और उस मिट्टी का उपयोग पौधों के लिए भी किया जा सकता है। इससे जलस्रोतों में प्रतिमा और पूजन सामग्री जाने की संभावना भी कम होती है।
“हर घर मिट्टी के गणेश की ओर बढ़े”महापौर ने शहरवासियों से अपील की कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक परिवार मिट्टी की गणेश प्रतिमा को प्राथमिकता दें।उन्होंने कहा,
“हमारी आस्था भगवान गणेश में है, प्रतिमा के आकार या सामग्री में नहीं। यदि मिट्टी की प्रतिमा के माध्यम से हम अपनी श्रद्धा भी निभा सकते हैं और प्रकृति को भी सुरक्षित रख सकते हैं, तो यह एक जिम्मेदार और पर्यावरण प्रेमी समाज की दिशा में छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम होगा।
”उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल नगर निगम या किसी सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक की छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़ा बदलाव ला सकती है। गणेश उत्सव जैसे बड़े जनपर्व को यदि पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए तो इसका संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकता है।नगर निगम ने विसर्जन स्थलों पर की व्यवस्था
महापौर ने बताया कि नगर निगम की ओर से निर्धारित विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही लोगों को मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने और संभव हो तो घर में ही विसर्जन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
वार्डवासियों ने की पहल की सराहना
श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में महापौर के घर हुए गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। वार्डवासियों ने महापौर की इस पहल की सराहना करते हुए आने वाले वर्षों में मिट्टी के गणेश स्थापित करने की इच्छा भी जताई।
इस अवसर पर रेखा पांडे, गुप्तेश्वरी आचार्य, स्मिता शुक्ला, रेणु राय, निरंजनी श्रीवास्तव, सरिता धर, किरण सोनी, रजनी पाठक, मंजू, अभया, रेखा शुक्ला, दिवाली शर्मा, दीपा चौधरी, राखी चौधरी, पूनम, सुषमा उण्डरा, वंदना राठौर, आशा शुक्ला, तनुजा तिवारी, डुलू बनिक सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।






