बस्तर की थाली प्रयोगशाला नहीं—त्योहार से पहले हर खाद्य प्रतिष्ठान की हो जांच : नवनीत चाँद

एनालॉग दूध-पनीर के कथित मामले में वैज्ञानिक जांच, पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

जगदलपुर। बस्तर में एनालॉग दूध, क्रीम, पनीर एवं चीज के कथित उपयोग से जुड़ी खबरों को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग से तत्काल निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी जांच की मांग की है। मोर्चा ने कहा कि किसी समाचार को बिना जांच अंतिम सत्य मानना उचित नहीं है, लेकिन ऐसे गंभीर आरोपों को नजरअंदाज करना भी जनता के स्वास्थ्य के साथ न्याय नहीं होगा।

दोषी बचना नहीं चाहिए, लेकिन निर्दोष बदनाम भी नहीं होना चाहिए

मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने कहा, “बस्तर की जनता की थाली प्रयोगशाला नहीं है। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में अभी से विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया जाना चाहिए। दूध-पनीर से लेकर मिठाई, नमकीन, तेल-घी, बेकरी, होटल-रेस्टोरेंट और पैक्ड खाद्य पदार्थों तक हर स्तर पर जांच हो। वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सच्चाई सामने आए और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।”

सिर्फ दूध-पनीर नहीं, हर खाद्य प्रतिष्ठान जांच के दायरे में आए

मोर्चा ने मांग की कि त्योहार से पहले होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, भोजनालय, मिठाई दुकान, डेयरी, दूध विक्रेता, बेकरी, कैटरिंग, फास्ट-फूड सेंटर, नमकीन निर्माता, किराना दुकानों, थोक विक्रेताओं, सप्लायरों तथा पैक्ड खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों का विशेष निरीक्षण किया जाए।

दुकान से निर्माता तक पूरी सप्लाई चेन की हो जांच

मोर्चा ने कहा कि जांच के दौरान FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग, पैकेजिंग, बैच नंबर, सामग्री सूची, खरीद-बिक्री के बिल, निर्माण एवं समाप्ति तिथि तथा भंडारण व्यवस्था की जांच की जाए। संदिग्ध उत्पादों के विधिवत नमूने लेकर उन्हें अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा जाए। जांच केवल दुकानों तक सीमित न रहकर संबंधित निर्माता और सप्लायर तक पहुंचनी चाहिए।

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सैंपलिंग और कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने आए

नवनीत चाँद ने कहा कि प्रशासन को सार्वजनिक रूप से यह जानकारी देनी चाहिए कि कितने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई, कितने नमूने लिए गए, कितने नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए और कितने अमानक या मिलावटी पाए गए। दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी जनता के सामने रखी जाए। यदि जांच में विभागीय लापरवाही, संरक्षण या जानबूझकर कार्रवाई नहीं करने का तथ्य सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।

ईमानदार व्यापारियों का सम्मान, दोषियों पर कार्रवाई जरूरी

जगदलपुर विधानसभा नगर मंडल अध्यक्ष मेहताब सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अलका नादन, महामंत्री संगठन निहारिका सिंह, यूथ प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रतीक जॉन, छात्र संगठन अध्यक्ष हिमांशु आनंद, महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रिया यादव एवं नगर मंडल सचिव किरण नाग ने संयुक्त रूप से कहा कि खाद्य सुरक्षा के मामले में ईमानदार व्यापारियों का सम्मान और दोषियों पर कार्रवाई—दोनों आवश्यक हैं। किसी भी व्यापारी या प्रतिष्ठान को बिना प्रमाण बदनाम नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन प्रभावशाली होने के कारण किसी दोषी को संरक्षण भी नहीं मिलना चाहिए।

मोर्चा की स्पष्ट मांग

त्योहार से पहले विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान → सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण → विधिवत सैंपलिंग → अधिकृत लैब में जांच → पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल → दोषी पर वैधानिक कार्रवाई → विभागीय लापरवाही पर जवाबदेही → जांच रिपोर्ट सार्वजनिक।

“त्योहार खुशियों के लिए हैं, मिलावट के लिए नहीं।बस्तर की थाली प्रयोगशाला नहीं है—सरकार जांच से भागे नहीं, सच जनता के सामने लाए।”

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