जगदलपुर। बस्तर क्षेत्र में पीलिया और डेंगू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।
पीलिया मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के कारण फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में आंखों और नाखूनों का पीला होना, गहरे रंग का पेशाब, भूख कम लगना, कमजोरी, उल्टी और पेट दर्द शामिल हैं। बचाव के लिए उबला या स्वच्छ पानी पिएं, ताजा और ढका हुआ भोजन करें तथा हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। मरीजों को हल्का एवं सुपाच्य भोजन लेने की सलाह दी जाती है।

वहीं डेंगू मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द तथा त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। डेंगू की आशंका होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर आवश्यक जांच जैसे एनएस-1 टेस्ट कराना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और तरल पदार्थ लेना जरूरी है। बुखार के लिए केवल पैरासिटामोल का उपयोग करें तथा एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि इससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
यदि मरीज को तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना अथवा अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराना चाहिए।





