जगदलपुर। बस्तर संभाग शौंडिक समाज भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा श्रवण के लिए शौंडिक समाज की माता-बहनों सहित समाज के सदस्य और नगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा स्थल पूरे समय भक्ति और आध्यात्मिक भाव से सराबोर रहा।

श्रीधाम वृंदावन से पधारे प्रेममूर्ति पूज्य पंडित अनादि जी महाराज के श्रीमुख से श्रद्धालु श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कर रहे हैं। द्वितीय दिवस महाराज जी ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के महत्व को सरल एवं भावपूर्ण तरीके से समझाया।

पूज्य महाराज जी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का समन्वय आवश्यक है। केवल ज्ञान जीवन को पूर्णता प्रदान नहीं करता और केवल भक्ति भी तब तक सार्थक नहीं होती, जब तक जीवन में विवेक एवं वैराग्य का भाव न हो। उन्होंने कहा कि ज्ञान सत्य का बोध कराता है, भक्ति ईश्वर से जोड़ती है और वैराग्य मोह-माया से ऊपर उठकर संयमित एवं शांत जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान से जीवन में विवेक, भक्ति से हृदय में प्रेम और वैराग्य से जीवन में संयम एवं शांति आती है। इन तीनों का संतुलन ही मानव जीवन के वास्तविक मर्म को समझने का मार्ग है।
कथा के दौरान महाराज जी ने भक्तिमय प्रसंगों और मधुर वाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन के महत्व से परिचित कराया। कथा के विभिन्न प्रसंगों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। पूरा कथा पंडाल भगवान के जयकारों और भक्ति भाव से गूंजता रहा।
भागवत कथा व्यक्ति और समाज को देती है सकारात्मक दिशा
कार्यक्रम के संचालन के लिए रायपुर से पधारे श्री रामजी शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूज्य पंडित अनादि जी महाराज का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज को संस्कारित करने तथा जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है।
आयोजन समिति की ओर से नगरवासियों एवं समस्त श्रद्धालु भक्तों को आगामी दिनों में होने वाली कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया गया। समिति ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित कथा में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।
धरमपुरा और शौंडिक समाज में विशेष उत्साह
श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ को लेकर धरमपुरा वासियों और शौंडिक समाज के सदस्यों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन में समाज की माता-बहनों, युवाओं और वरिष्ठजनों की सक्रिय सहभागिता बनी हुई है।
कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का वाचन पूज्य पंडित अनादि जी महाराज के श्रीमुख से किया जाएगा। आयोजन समिति ने समस्त जगदलपुरवासियों एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने और इस पावन आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।






