भोला कश्यप प्रकरण की स्वतंत्र मेडिकल जांच हो, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : नवनीत चाँद

PPP अनुबंध, मेडिकल रिकॉर्ड, सरकारी योजनाओं और NMDC की वित्तीय सहायता की भी हो थर्ड पार्टी ऑडिट; स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर, 17 अगस्त 2026। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भोला कश्यप उपचार एवं ब्रेन सर्जरी प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के नाम जिला प्रशासन एवं जिला चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

नवनीत चाँद ने कहा कि यह किसी चिकित्सक या अस्पताल को जांच से पहले दोषी ठहराने का प्रयास नहीं, बल्कि मरीज के जीवन, चिकित्सा मानकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाए और जांच में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

मोर्चा ने भोला कश्यप के OPD/IPD रिकॉर्ड, MRI/CT की मूल रिपोर्ट एवं इमेजिंग डेटा, ऑपरेशन एवं एनेस्थीसिया चार्ट, ICU रिकॉर्ड, दवा रिकॉर्ड, consent forms, referral documents, laboratory reports, billing तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित रखने की मांग की है।

नवनीत चाँद ने संबंधित अस्पताल से बाहर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, मेडिसिन एवं रेडियोलॉजी विशेषज्ञों का स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग करते हुए कहा कि बोर्ड यह स्पष्ट करे कि ब्रेन सर्जरी चिकित्सकीय रूप से आवश्यक थी या नहीं तथा ऑपरेशन से पहले और बाद की चिकित्सा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

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इसके साथ ही PPP मॉडल के तहत अस्पताल के संचालन की स्थिति में PPP Agreement की point-wise compliance और Third Party Performance Audit कराने की मांग की गई है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, ICU, OT एवं Emergency सुविधाओं, मानव संसाधन, सरकारी निरीक्षण और शिकायत निवारण व्यवस्था की भी समीक्षा की मांग की गई।

मोर्चा ने यह भी मांग की कि यदि NMDC अथवा किसी अन्य सार्वजनिक उपक्रम द्वारा अस्पताल को CSR, वित्तीय सहायता, उपकरण या आधारभूत संरचना के लिए सहयोग दिया गया है तो उसकी Financial एवं Utilization Audit कराई जाए। साथ ही आयुष्मान भारत, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अथवा अन्य सरकारी योजनाओं के तहत हुए उपचार, स्वीकृत पैकेज और सरकारी भुगतान की भी स्वतंत्र जांच हो।

नवनीत चाँद ने कहा, “बस्तर के गरीब और आदिवासी मरीजों को केवल अस्पताल नहीं, बल्कि सुरक्षित और जवाबदेह स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए। यदि जांच में सब कुछ नियमानुसार पाया जाता है तो संबंधित अस्पताल को तथ्यात्मक रूप से क्लीन चिट मिले, लेकिन यदि चिकित्सा लापरवाही, रिकॉर्ड में गड़बड़ी, PPP अनुबंधीय चूक या सरकारी निगरानी की विफलता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”

प्रतिनिधिमंडल ने पिछले कम से कम तीन वर्षों की अस्पताल संबंधी विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट, लाइसेंस एवं पंजीयन अनुपालन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीजों की शिकायतों और adverse medical events की भी समीक्षा की मांग की।

इस दौरान बस्तर जिला अध्यक्ष संतु कश्यप, जगदलपुर नगर मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रिया यादव, बस्तर विधानसभा अध्यक्ष वनमाली बघेल, चित्रकूट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल, जगदलपुर नगर मंडल यूथ अध्यक्ष प्रतीक जॉन एवं जगदलपुर मंडल महामंत्री निहारिका सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच, भोला कश्यप को आवश्यक उपचार एवं परिवार को सहायता उपलब्ध कराने तथा जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग की।

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