डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और व्यवसाय विस्तार की दी गई जानकारी, 40 उद्यमियों ने लिया हिस्सा
जगदलपुर, 02 अगस्त। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बस्तर विकासखंड मुख्यालय में बीते दिवस व्यवसाय विकास सेवा प्रदाता एवं डिजिटल इंटीग्रेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘रैंप’ (RAMP) योजना के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों तथा स्व-सहायता समूहों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना रहा।

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के बैनर तले एक निजी सर्विसेज एजेंसी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला में क्षेत्र के 40 उद्यमियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रमोशन, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, वित्तीय प्रबंधन तथा व्यवसाय विस्तार की व्यावहारिक रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रतिभागियों ने विशेष रूप से बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खाद्य उत्पादों जैसे अचार, बड़ी, पापड़, मसाले तथा अन्य स्थानीय उत्पादों की डिजिटल ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार और ऑनलाइन विपणन के तरीकों में गहरी रुचि दिखाई। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे उद्यमियों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों ने स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग, उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा बिचौलियों के बिना सीधे बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के व्यावहारिक और तकनीक आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
इस आयोजन को सफल बनाने में मास्टर ट्रेनर बीर सिंह चतुर्वेदी, जिला समन्वयक अजय कुमार साहू, बीपीएम अमित, एरिया कोऑर्डिनेटर रेणुका दुर्गम तथा जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र से सुमन सेठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






