महादेव मंदिर बस्तर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा : कुमार जयदेव
जगदलपुर। सावन माह के तृतीय सोमवार के पावन अवसर पर ऐतिहासिक महादेव मंदिर में सुकमा जमिंदार कुमार जयदेव सहित बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने इंद्रावती नदी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जल लिया। इसके बाद रामपाल लिंगेश्वर मंदिर से कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे और भगवान महादेव का जलाभिषेक किया।
सुकमा जमिंदार कुमार जयदेव ने कहा कि महादेव मंदिर बस्तर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मंदिर बस्तर की ऐतिहासिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है तथा यहां भगवान शिव के शिवलिंग की स्थापना की गई थी। इसी कारण यह स्थल महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
उन्होंने कहा कि प्राचीन शिव मंदिर बस्तर की समृद्ध धार्मिक विरासत और आस्था का प्रतीक है। सामान्य दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन सावन माह में भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भक्ति को देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन धार्मिक धरोहर को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुलभ और सुविधाजनक बनाया जाना चाहिए।
सावन के तृतीय सोमवार को सुबह से ही महादेव घाट स्थित शिव मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। सुकमा जमिंदार कुमार जयदेव सहित श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी प्रेम पाढ़ी, मावली मंदिर के पुजारी अनिल, सिकंदर ठाकुर, रविंद्र दास, प्रकाश रावल, असीम दास, राकेश दास, मनोज जंगम, विवेक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।






