जगदलपुर/रायपुर, 06 अगस्त। प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के MBBS इंटर्न डॉक्टरों द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब IMA Medical Students Network (IMA MSN), Chhattisgarh एवं IMA Junior Doctors Network (IMA JDN), Chhattisgarh का भी समर्थन मिल गया है। दोनों संगठनों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इंटर्न डॉक्टरों की मांग को पूरी तरह न्यायसंगत बताते हुए उनके शांतिपूर्ण आंदोलन एवं हड़ताल को नैतिक और संगठनात्मक समर्थन देने की घोषणा की है।

जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इंटर्न डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। मेडिकल शिक्षा के अंतिम चरण में होने के बावजूद वे अस्पतालों में नियमित रूप से मरीजों की सेवा करते हैं और आपातकालीन सेवाओं से लेकर वार्ड, ओपीडी, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई बार वे लगातार लंबे समय तक ड्यूटी करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में योगदान देते हैं।

संगठनों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद प्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाला वर्तमान स्टाइपेंड उनकी मेहनत, कार्यभार और बढ़ती महंगाई के अनुरूप नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की तुलना करने पर भी छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई देती है। ऐसे में स्टाइपेंड वृद्धि की मांग पूरी तरह उचित और व्यावहारिक है।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अब तक राज्य शासन एवं संबंधित अधिकारियों को कुल 5 ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय या सकारात्मक पहल नहीं की गई है। लंबे समय से समाधान नहीं निकलने के कारण इंटर्न डॉक्टरों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

IMA MSN एवं IMA JDN ने स्पष्ट किया कि इंटर्न डॉक्टरों को सम्मानजनक एवं यथोचित स्टाइपेंड मिलना चाहिए, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के बेहतर ढंग से अपनी चिकित्सा सेवाएं दे सकें। संगठनों ने राज्य शासन से अपील की है कि इंटर्न प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र सकारात्मक संवाद स्थापित कर इस लंबे समय से लंबित विषय का समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए।

संगठनों ने सभी इंटर्न डॉक्टरों से भी आग्रह किया है कि वे अपने आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं गरिमापूर्ण बनाए रखें, जिससे समाज में चिकित्सा पेशे की गरिमा बनी रहे और जनहित प्रभावित न हो। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसी भावना के साथ आंदोलन जारी रखा जाना चाहिए।
IMA Medical Students Network (IMA MSN), Chhattisgarh एवं IMA Junior Doctors Network (IMA JDN), Chhattisgarh ने कहा कि वे प्रदेश के सभी इंटर्न डॉक्टरों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए हर वैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रयास में निरंतर सहयोग करते रहेंगे। संगठन का मानना है कि इंटर्न डॉक्टरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान न केवल उनके हित में होगा, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाएगा।
IMA-MSN South Zone Coordinator एवं गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर के फाइनल ईयर MBBS छात्र शिशिर अग्रवाल ने बताया कि स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर अब तक कुल 5 ज्ञापन शासन एवं संबंधित अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर इंटर्न डॉक्टरों की लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान करेगी।

✍️ रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव
Founder & Editor-in-Chief
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