जगदलपुर, 24 जुलाई 2026। बस्तर के जगदलपुर से एक अनोखा और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। यहां केंद्रीय जेल में न्यायिक प्रक्रिया के तहत बंद एक युवक की शादी जेल परिसर में संपन्न कराई गई। खास बात यह रही कि जिस युवती के परिजनों की शिकायत पर युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, बाद में उसी युवती और उसके परिजनों की सहमति से दोनों का विवाह कराया गया।

जानकारी के अनुसार, राजूर गांव निवासी सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों अलग-अलग जातियों से होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। परिवार के विरोध के चलते युवती के परिजनों ने सुरेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर सुरेश को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया।मामले में उस समय नया मोड़ आया जब युवती स्वयं अदालत पहुंची। उसने न्यायालय के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी इच्छा से सुरेश के साथ प्रेम संबंध में थी और दोनों विवाह करना चाहते हैं। युवती ने अदालत से उनके विवाह की अनुमति देने का अनुरोध किया।
युवती के बयान और मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने पुलिस एवं केंद्रीय जेल प्रशासन को विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों का विवाह संपन्न कराने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कीं। केंद्रीय जेल परिसर में विवाह के लिए मंडप सजाया गया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह के दौरान जेल प्रशासन, पुलिस तथा आवश्यक गवाह भी मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि विवाह के बाद युवती के परिजनों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और सुरेश को अपना दामाद मान लिया। यही कारण है कि यह विवाह पूरे बस्तर संभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह मामला प्रेम, सामाजिक बंधनों, पारिवारिक विरोध और न्यायिक प्रक्रिया के बीच आए एक असाधारण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। वहीं यह भी स्पष्ट करता है कि किसी भी मामले में न्यायालय तथ्यों, साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर निर्णय लेता है।






