जल्द पहचान और तुरंत इलाज’ के मंत्र के साथ स्वास्थ्य विभाग की विशेष पहल, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
जगदलपुर। मुख्यमंत्री स्वस्थ्य बस्तर अभियान के तहत बस्तर जिले को कुष्ठ (लेप्रोसी) मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को “अर्ली डिटेक्शन एंड प्रॉम्प्ट ट्रीटमेंट” यानी जल्द पहचान और त्वरित उपचार के मूल मंत्र के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, नॉन-मेडिकल असिस्टेंट और रूरल हेल्थ ऑर्गनाइजर शामिल हुए। बैठक में क्षेत्र में कुष्ठ उन्मूलन अभियान की प्रगति और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान ब्लॉकवार लेप्रोसी प्रोग्रेसिव रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संभावित चर्म रोग मरीजों की पहचान और जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का विशेष फोकस बच्चों पर रहेगा और इसके तहत बच्चों की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संभावित मामलों की प्रारंभिक चरण में पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कुष्ठ संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए मल्टी-बैसिलरी प्रकरणों की संख्या को शून्य अथवा न्यूनतम स्तर तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा सघन जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

इसके अलावा स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को चर्म रोग और कुष्ठ के लक्षणों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष स्वास्थ्य जानकारी भी दी जाएगी, जिससे बीमारी की जल्द पहचान और उपचार संभव हो सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला नोडल अधिकारी (कुष्ठ उन्मूलन) डॉ. वीरेंद्र ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी, जिला डेटा प्रबंधक श्री कुलदीप मरकाम तथा नॉन-मेडिकल असिस्टेंट श्री आर.के. माली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





