कामर्शियल गैस के दामों में बढ़ोत्तरी मोदी सरकार का जनता पर महंगाई और बोझ- दीपक बैज

मोदी राज में महंगाई बेतहाशा बढ़ी गरीब और मध्यम वर्ग परेशान

मुख्यमंत्री साय का बस्तर दौरा रहा बेहद ही संवेदनहीन,बाढ़ से हुए नुकसान और परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया, सिर्फ औपचारिकता निभाना निंदनीय

जगदलपुर। आज संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कामर्शियल गैस के दामों में बढ़ोतरी मोदी सरकार का जनता पर महंगाई और बोझ है मोदी राज में महंगाई बेतहाशा बढ़ी गरीब और मध्यम वर्ग परेशान है कामर्शियल गैस के दामों में बढ़ोतरी मोदी सरकार का जनता पर महंगाई और बोझ है।

मोदी सरकार ने कामर्शियल सिलेंडर के दामों में 62.50 रू. से लेकर 71.50 रू. तक महंगा कर दिया।पिछले 9 माह में कामर्शियल सिलेंडर के दाम में 1270 रू. की बढ़ोतरी मोदी सरकार ने किया है। मतलब हर माह 141 रू. दाम बढ़ाया गया है।कामर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने से बाजार में मिलने वाली खाद्य सामग्री, रेस्टोरेंट, होटलों में मिलने वाले कुक फुड नाश्ता, भोजन आदि के दाम स्वाभाविक रूप से और बढ़ जायेंगे।

कामर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से इंडस्ट्रियल उत्पादों के दाम भी बढ़ जायेंगे। सुई से लेकर लौह उत्पादों के दाम भी बढ़ेंगे।छत्तीसगढ़ के आयरन उद्योगों पर भी इसका असर पड़ेगा, भाव बढ़ेगा और महंगाई भी बढ़ेगी।थोक महंगाई की सूचकांक आजादी के बाद सबसे ऊंचे पायदान 9.78 पर है।

मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है, महंगाई से देश के नागरिकों की कमर टूटती जा रही है। 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रू. का था, आज वह 1000 रू. के पार है वह भी मिल नहीं रहा।

पेट्रोल के दाम 70 रू. प्रति लीटर से बढ़कर 108 रु. प्रति लीटर के पार हो गए है, जबकि डीजल के दाम 55 रू. प्रति लीटर से बढ़कर 104 रू. प्रति लीटर के करीब पहुंच गए है।

मोदी राज में महंगाई बेलगाम आम आदमी का बजट बिगड़ गया है।मोदी सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 22 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की, जिसके चलते ही बाजार में सभी तरह के खाद्य तेलों के दाम लगभग डेढ़ गुना बढ़ गए।

पॉम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी 5.5 के स्तर से बढ़कर 27.5 प्रतिशत कर दिया गया है, अर्थात सीधे तौर पर 22 फीसदी की बढ़ोतरी मोदी सरकार के मुनाफाखोरी का प्रमाण है।

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जिन खाद्य तेलों का उत्पादन स्थानीय स्तर पर होते है उनमें सेंट्रल एक्साइज के दरों में वृद्धि का प्रभाव नहीं होना चाहिए था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार का संरक्षण जमाखोरों और मुनाफाखोरों को है, जिसके चलते राइस ब्रांड सरसो तेल जैसे सभी तरह के खाद्य तेलो के दाम डेढ़ गुना बढ़ा दिया गया है।

राशन के सामान दाल, चावल, सब्जियां, साबुन, कपड़ा, दवाईयां सभी वस्तुओ के दाम बेतहाशा बढ़ गये है।मोदी राज में आज महंगाई बेतहाशा बढी गरीब और मध्यम वर्ग परेशान है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने कहा लगभग पूरा बस्तर संभाग लगातार दूसरे वर्ष भीषण बाढ़ की चपेट में आया है। इस वर्ष भी बाढ़ ने आम आदमी को बर्बाद कर दिया। उनके मकान, सामान, पशुधन, फसल सब बर्बाद हो गये। अनेकों मार्ग का संपर्क टूट गया, पुल-पुलिये, सड़क सभी कुछ टूट कर बर्बाद हो गया है। जन-जीवन ढप्प हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री साय का बस्तर दौरे ने जनता को सिर्फ निराश किया.

दुर्भाग्यजनक है कि मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने बस्तर आये लेकिन वे केवल औपचारिकता निभाकर पुल पर खड़े होकर फोटो खिंचवाकर, रील बनवाकर चले गये। मुख्यमंत्री का दौरा बेहद ही संवेदनहीन रहा। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान और परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसा लगा कि मुख्यमंत्री नहीं कोई पर्यटक आया था जो फोटो खिचवाया और चला गया। यहां से जाने के बाद उन्हें सिंगापुर जाने की जल्दी थी। वे इन्वेस्टर कनेक्ट के बहाने सिंगापुर घूमने की तैयारी करने चले गये। बस्तर का आम आदमी परेशान है, न मुख्यमंत्री को फ्रिक है और न ही मंत्रियों को।

बाढ़ से आठ लोगों की मौत हुई, उनके लिए भी मुख्यमंत्री ने कोई विशेष सहायता की घोषणा नहीं किया।उड़ीसा के द्वारा बांध से पानी छोड़ने से बाढ़ के हालात बिगड़े, मुख्यमंत्री दिल्ली में उड़ीसा के मुख्यमंत्री के साथ बैठक किये, इस पर आपत्ति क्यों नहीं व्यक्त किये।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने आगे कहा बाढ़ से हजारों घर प्रभावित हुए। हजारों मकान गिर गये। बड़ी संख्यों में लोग बेघर हो गये।लोगों के सामान बारिश में बर्बाद हो गया है।लाखों एकड़ तैयार फसल बर्बाद हो गयी। अनेकों सड़क, पुल-पुलिया टूट गये, बह गये।

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हजारों पालतू पशु गाय, बैल, मुर्गी, बकरी, बकरा सब बह गये।दो माह का राशन एक साथ मिला था पूरा राशन खराब हो गया।घर में पहले से रखी सामग्री और अन्य जरूरी सामान खराब हो गया।सरकार के द्वारा चलाया गया राहत कार्य केवल खानापूर्ति वाला था। अब तो राहत शिविर भी बंद हो गया है।

सरकार ने मदद के नाम पर केवल जले पर नमक छिड़का, सरकारी सहायता अपर्याप्त थी।राहत शिविर बंद होने के बाद जो वापस घर गये है उनके घरों में खाना बनाने के राशन, गैस, लकड़ी कुछ नहीं है। लोग शिविर से वापस आने के बाद भूखे थे, सामाजिक संगठन के लोग और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके लिए भोजन की व्यवस्था किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने कहा हमारी मांग है कि सरकार मकानों की पूर्तिक्षति में 1.20 लाख दे रही, आंशिक क्षति में 4000 दे रही जो अपर्याप्त है। अतः सभी की हानि का मूल्यांकन कर घर बनाने के लिए कम से कम पूर्ण क्षति पर 5 लाख आंशिक क्षति पर 1 लाख दे। फसल के लिए सरकार 1 हेक्टेयर में 8000 का मुआवजा दे रही है जबकि सरकार 1 एकड़ में 21 क्विंटल धान खरीदती है तो नुकसान का मुआवजा 3100X21 क्विंटल के हिसाब से 65,100 प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाये। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का पूरा कर्जा माफ किया जाये। पशुओं की हानि का आंकलन कर बाजार रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाये।

घर में रखे सामान टी.वी. फ्रिज, बेड आदि का आंकलन कर मुआवजा दिया जाये।दो माह के राशन एकमुश्त फिर से दिया जाये। बच्चे के कापी-किताब, स्कूल बैग मुफ्त दिया जाये। प्रभावित क्षेत्र के लोगों के आवश्यक दस्तावेज बनाने के लिए शिविर लगाया जाये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ जनित संक्रमण रोकने विशेषज्ञ डॉक्टरों के शिविर लगाया जाये। पूरे बस्तर संभाग के पुल-पुलियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा किया जाये।

इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु,पूर्व विधायक रेखचंद जैन,बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य,ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला,नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, प्रवक्त जावेद खान,महामंत्री अभिषेक नायडू,अनुराग महतो, रविशंकर तिवारी,नीतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।

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