बार-बार जनता से ठुकरायी जा रही कांग्रेस अब देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर आमादा : भाजपा

कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए : संजय पाण्डेय

चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश होने का भाजपा का दावा

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि लगभग सौ बार चुनाव हार चुकी कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी अब बौखलाहट में लगातार देशद्रोही आचरण पर आमादा हो गए हैं। कांग्रेस अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने तथा लगातार झूठ और फरेब की राजनीति कर देश को बदनाम करने में जुटी हुई है।

मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर संजय पाण्डेय ने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश हो गया है तथा उनकी मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।

महापौर श्री पाण्डेय ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि आयोग में मतभेद संबंधी कांग्रेस के तमाम दावे न केवल खोखले हैं, बल्कि जान-बूझकर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग के संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। यह फिर से साबित हुआ है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उसका झूठ फिर से बेनकाब हो गया है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि अपने संयुक्त बयान में आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। भारत के चुनाव आयोग की दुनियाभर में साख है। उसकी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। कांग्रेस को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए।

अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल

श्री पाण्डेय ने कहा कि इस संबंध में अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट भी कोरी कल्पना के अलावा कुछ नहीं है। समाचार में कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे जिस पत्र का जिक्र है, वह न तो किसी नीतिगत विषय से संबंधित है और न ही SIR से संबंधित है। वह सामान्य प्रशासकीय विषय था।

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उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि जिन विषयों को सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुका है, उसके खिलाफ भी कांग्रेस झूठ फैला रही है। फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत अनेक विषयों पर सर्वोच्च न्यायालय से पहले ही पक्ष में निर्णय आ चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश करती रहती है।

कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।

चुनाव हारने पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप

श्री पाण्डेय ने कहा कि जब भी कांग्रेस जनता की अदालत में पराजित होती है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप मढ़ने लगती है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सभी झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है।

उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी ने शनिवार को बैठक कर एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि देशभर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को बिहार में SIR की वैधानिकता को बरकरार रखा था। आधिकारिक निर्णय सारांश के अनुसार न्यायालय ने आयोग की SIR कराने की शक्ति, उसके उद्देश्य और अपनाई गई प्रक्रिया को वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप माना था।

श्री पाण्डेय ने कहा कि इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रियाओं पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता भली-भांति जानती है कि जिन राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, वे निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जब चुनाव हारते हैं, तो कभी EVM, कभी संवैधानिक संस्थाओं और कभी चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के इस पूर्ण और सर्वसम्मत बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

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EVM को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस के ऐसे कृत्यों की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस EVM पर सवाल उठाती रही है और उसे ‘ब्लैक बॉक्स’ तक कहती रही है, लेकिन उसी EVM से जीतकर राहुल गांधी स्वयं भी सांसद हैं।उन्होंने कहा कि अनेक राज्यों में कांग्रेस की सरकार है और उसके विधायक एवं लोकसभा सदस्य भी इसी चुनाव प्रक्रिया और EVM के माध्यम से चुनकर आए हैं।

श्री पाण्डेय ने कहा कि जीत जाने पर सरकार बनाना, विधायक और सांसद बनना, इसी चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर राजनीति करना और उसी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है।

छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कांग्रेस से सवाल

श्री पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को वर्ष 2018 में इकतरफा और ऐतिहासिक बहुमत मिला था। यह बहुमत भी इसी चुनाव प्रक्रिया और EVM के माध्यम से मिला था। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस ने तीनों राज्यों में जीत हासिल की थी।

उन्होंने कहा कि अभी भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 35 विधायक हैं। श्री पाण्डेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे सभी यह मानते हैं कि वे गलत प्रक्रिया से चुनकर आए हैं? अगर वे मानते हैं कि उनके निर्वाचन की प्रक्रिया सही नहीं है तो क्या उन्हें विधायक रहने का नैतिक अधिकार है?उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हर जनप्रतिनिधि को यह सवाल स्वयं से पूछना चाहिए।

“जीत गए तो प्रक्रिया अच्छी और हारे तो गलत, ऐसा नहीं होता है।

”श्री पाण्डेय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता काफी समझदार है। कांग्रेस की ऐसी हरकतों की वजह से उसका रहा-सहा जनाधार भी समाप्त हो जाएगा।

पत्रकार वार्ता में ये रहे मौजूद

पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्राही, परिसाराम बेसरा, जिला उपाध्यक्ष आर्येंद्र सिंह आर्य, सफीरा साहू, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, योगेन्द्र पाण्डेय, पश्चिम नगर मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा एवं पूर्वी नगर मंडल अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।

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