महापौर ने NH का किया निरीक्षण, गंदगी-झाड़ियां हटवाईं; जलभराव के स्थायी समाधान के दिए निर्देश
जगदलपुर। शहर के प्रवेश द्वार आमागुड़ा से गोरिया बहार तक राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र को आकर्षक, स्वच्छ और हरित स्वरूप देने की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को महापौर संजय पांडे ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, वन विभाग और यातायात विभाग के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सड़क के दोनों ओर पाथवे पर पसरी गंदगी और उगी झाड़ियों एवं जंगली पेड़-पौधों को नगर निगम तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की जेसीबी की सहायता से हटवाया गया। महापौर ने अधिकारियों को सड़क किनारे स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण का कार्य नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर

निरीक्षण के दौरान सड़क और पाथवे पर कई स्थानों पर पानी जमा होने की समस्या भी सामने आई। महापौर ने तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने के साथ ही भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़क एवं पाथवे पर पानी जमा होने से आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। इसलिए केवल तत्काल पानी निकालना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जल निकासी की ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे आने वाले समय में समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
10 सितंबर को 2600 पौधों का होगा रोपण
आमागुड़ा क्षेत्र को जगदलपुर के आकर्षक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की योजना के तहत आगामी 10 सितंबर को करीब 2600 पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें कनेर, बोगनविला और टैकोमा के पौधे शामिल हैं।
प्रस्तावित पौधारोपण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं वन मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति प्रस्तावित है। नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और वन विभाग के संयुक्त सहयोग से होने वाला यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क किनारे के पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
‘पौधे लगाकर भूलना नहीं, उन्हें विकसित करना हमारा लक्ष्य’
महापौर संजय पांडे ने कहा कि आमागुड़ा जगदलपुर का प्रवेश द्वार है और बाहर से आने वाला व्यक्ति सबसे पहले इसी क्षेत्र से होकर शहर में प्रवेश करता है। इसलिए प्रयास है कि यहां पहुंचते ही लोगों को जगदलपुर की स्वच्छता, हरियाली और सुंदरता का एहसास हो।
उन्होंने कहा कि 10 सितंबर को लगभग 2600 कनेर, बोगनविला और टैकोमा के पौधे लगाए जाएंगे। हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाकर भूल जाना नहीं, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण करते हुए सड़क के दोनों ओर एक सुंदर एवं व्यवस्थित हरित कॉरिडोर तैयार करना है।
महापौर ने कहा कि शहर का विकास केवल बड़ी इमारतों और सड़कों से नहीं होता। स्वच्छ सड़कें, बेहतर पाथवे, सुचारु जल निकासी, हरियाली और सुंदर प्रवेश द्वार भी शहर के विकास की महत्वपूर्ण पहचान हैं। इसी सोच के साथ नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और वन विभाग के सहयोग से आमागुड़ा से गोरिया बहार तक के मार्ग को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जहां-जहां गंदगी और झाड़ियां थीं, उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य है कि आने वाले समय में आमागुड़ा से गोरिया बहार तक का मार्ग जगदलपुर के सबसे सुंदर और व्यवस्थित प्रवेश मार्गों में शामिल हो।
निरीक्षण के दौरान खेम सिंह देवांगन, निर्मल पाणिग्राही, लक्ष्मण झा, संग्राम सिंह राणा, विधु शेखर झा, वन विभाग के उमाकांत, एनएच की अधिकारी श्रीमती प्रज्ञानंद, यातायात प्रभारी जय राम चेरमोको सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।






