बस्तर में बढ़ती लौह अयस्क तस्करी और अवैध वन कटाई पर उठे सवाल, SIT और CBI/ED जांच की मांग

जगदलपुर। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद, संभागीय महामंत्री रामनाथ नेगी तथा दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष रेमन मरकामी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर बस्तर में बढ़ती लौह अयस्क तस्करी, अवैध वन कटाई और खनिज तंत्र में संभावित अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि बैलाडीला, बचेली, किरंदुल, पेंडवार, मिरतुर, गंगालूर, धुरली, नारायणपुर, ओरछा और अंतागढ़ क्षेत्रों से अवैध उत्खनन, तस्करी और वन क्षेत्रों में सड़क निर्माण से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में वन विभाग द्वारा लौह अयस्क से भरे ट्रकों की जब्ती ने पूरे मामले की स्वतंत्र और तकनीकी जांच की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।नवनीत चाँद ने कहा कि केवल वाहन जब्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क, आर्थिक लाभार्थियों और प्रशासनिक जवाबदेही की जांच भी जरूरी है।

उन्होंने बस्तर संभाग के लिए उच्च स्तरीय SIT गठन, पिछले 10 वर्षों के उत्पादन, डिस्पैच, रॉयल्टी, ट्रांजिट पास, वेब्रिज और परिवहन रिकॉर्ड के फोरेंसिक ऑडिट तथा वन, खनिज, राजस्व, पुलिस और परिवहन विभागों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि जांच में राजस्व हानि, फर्जी दस्तावेज, मनी ट्रेल या आर्थिक अपराध के तथ्य सामने आते हैं, तो मामले की जांच CBI, ED या अन्य केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए।

साथ ही संभावित राजस्व हानि का आकलन कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई।बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष और समयबद्ध जांच शुरू नहीं की गई, तो संगठन इस मुद्दे को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक ले जाकर लोकतांत्रिक जनआंदोलन करेगा।

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नवनीत चाँद ने कहा, “बस्तर की खनिज संपदा किसी माफिया या नेटवर्क की नहीं, बल्कि बस्तर की जनता की धरोहर है। हमारी मांग पूरे तंत्र की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और जवाबदेह जांच की है।”

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