जगदलपुर। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की स्मृति में खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जिला फुटबॉल संघ बस्तर, जगदलपुर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सद्भावना वेटरन्स 40 प्लस एवं जूनियर फुटबॉल मैच-2026 का आयोजन किया गया। प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम में आयोजित इस खेल आयोजन में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ मैदान पर अपना दमखम दिखाया। आयोजन के दौरान खेल भावना, सद्भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का शानदार संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक संतोष बाफना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह, संयुक्त महासचिव शंकर राव तथा जिला फुटबॉल संघ बस्तर जगदलपुर के अध्यक्ष राणा घोष मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, खेल जगत से जुड़े सदस्य तथा कोटपाड़ से पहुंचे वरिष्ठ खिलाड़ियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जूनियर मुकाबले में आमचो बस्तर की शानदार जीत
जूनियर वर्ग में आमचो बस्तर और धनचंद-11 के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। शुरुआत से ही आमचो बस्तर के खिलाड़ियों ने आक्रामक और संगठित खेल का प्रदर्शन किया। बेहतरीन तालमेल और शानदार फिनिशिंग के दम पर आमचो बस्तर ने धनचंद-11 को 3-0 से हराकर मुकाबला अपने नाम किया।
पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांचक फुटबॉल मुकाबले का आनंद मिला।

40 प्लस मुकाबले में कोटपाड़ वेटरन्स का दबदबा
सीनियर 40 प्लस वर्ग में कोटपाड़ वेटरन्स और जगदलपुर वेटरन्स के बीच मुकाबला हुआ। मैदान पर उतरे अनुभवी खिलाड़ियों ने उम्र को मात देते हुए अपनी फिटनेस, कौशल और खेल के प्रति जुनून का शानदार प्रदर्शन किया।
मुकाबले में जगदलपुर वेटरन्स की ओर से डॉ. आजाद और कपिन ने एक-एक गोल दागा। वहीं कोटपाड़ की ओर से बाबू ने शानदार हैट्रिक लगाते हुए तीन गोल किए। बाबू के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत कोटपाड़ वेटरन्स ने मुकाबले में बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की।
खेल के साथ दिया सद्भावना और भाईचारे का संदेश
मेजर ध्यानचंद की स्मृति में आयोजित इस आयोजन ने युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के साथ ही अनुभवी खिलाड़ियों को भी एक बार फिर मैदान पर उतरने का अवसर दिया। मैदान पर खिलाड़ियों के जोश और उत्साह ने दर्शकों में भी खासा रोमांच पैदा किया।
आयोजन ने यह संदेश दिया कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सद्भावना, भाईचारे, अनुशासन और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी है। अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के एक साथ मैदान पर उतरने से खेल की नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिली।






