जगदलपुर, 1 अगस्त। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को राजीव भवन, जगदलपुर में पत्रकार वार्ता आयोजित कर बिजली दरों में वृद्धि, स्मार्ट मीटर और बस्तर पंडुम पर हुए सरकारी खर्च को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि कांग्रेस 2 अगस्त से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी और सड़क से लेकर सरकार के दरवाजे तक जनता की आवाज बुलंद करेगी।

सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में लगातार वृद्धि की जा रही है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने और बढ़ी हुई बिजली दरों के विरोध में आवेदन भरवाएंगे। यह अभियान दो माह तक चलेगा, जिसके बाद जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव कर एकत्रित आवेदन जमा किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेशभर से प्राप्त पावती लेकर मुख्यमंत्री एवं बिजली मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद बिजली की दरों में लगातार पांचवीं बार वृद्धि की गई है। जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तथा कृषि पंपों की बिजली में 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा पहले 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) भी लगाया गया था। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा शासनकाल में अब तक कुल 31.23 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाई जा चुकी हैं, जबकि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी।

सुशील मौर्य ने कहा कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को तीन से चार गुना तक बिजली बिल मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है और स्मार्ट मीटर अधिक रीडिंग दिखाकर अतिरिक्त बिल भेज रहे हैं। उनका कहना था कि बिजली बिल बढ़ने के तीन प्रमुख कारण हैं—बिजली दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर की कथित अधिक रीडिंग।

उन्होंने कहा कि संसद में अप्रैल 2026 के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं लगाए जा सकते। ऐसे में छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाया। कांग्रेस ने मांग की कि बिजली दरें कम की जाएं, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू की जाए और स्मार्ट मीटर वापस लिए जाएं। साथ ही उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए छत्तीसगढ़ में भी जनहित में ऐसा निर्णय लेने की मांग की।
प्रेसवार्ता में सुशील मौर्य ने बस्तर पंडुम के आयोजन पर हुए खर्च को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एवं केंद्रीय गृह मंत्री के एक दिवसीय कार्यक्रम में केवल टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर ₹6,14,78,943 खर्च किए गए। उनका आरोप था कि जब एक दिन के आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं तो बस्तर के दूरस्थ गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, बिजली और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त बजट क्यों उपलब्ध नहीं कराया जाता।
उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता यह जानना चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद क्षेत्र को वास्तविक लाभ क्या मिला। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार विकास के बजाय बड़े आयोजनों और प्रचार-प्रसार पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर भी आगामी दिनों में उग्र आंदोलन करेगी।
प्रेसवार्ता में ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, महामंत्री जाहिद हुसैन,युवा कांग्रेस अध्यक्ष निकेत राज झा, मन्नू सेन, व्यापारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेंद्र पटवा, विकलांग प्रकोष्ठ अध्यक्ष महेश ठाकुर, मीडिया प्रभारी शादाब अहमद, विजय प्रकाश दास, मोहसिन खान, आदर्श दलाई, पार्षद लोकेश चौधरी, आक़िब रजा सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






