जगदलपुर। अविनाश वुड्स सोसाइटी में महिलाओं द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रथम पारंपरिक त्योहार हरेली के अवसर पर हरेली एवं सावन मेले का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में सोसाइटी की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर हरेली पर्व मनाया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं, खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। महिलाओं ने सावन मेले का भी आनंद लिया और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

हरेली पर्व के महत्व को बताते हुए महिलाओं ने कहा कि यह त्योहार छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक है। हरेली के माध्यम से अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।
आयोजित सावन मेले में महिलाओं ने आपसी मेल-जोल और उत्साह के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम ने सोसाइटी में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और सामूहिक सहभागिता की भावना को और मजबूत किया।






