बस्तर की 600 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच देने की पहल

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से सांसद महेश कश्यप ने की मुलाकात, जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना की प्रगति पर जताया आभार

बस्तर दशहरा का दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से विशेष प्रसारण और जनजातीय संस्कृति व बदलते बस्तर पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण का प्रस्ताव

सांसद के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के दिए निर्देश

जगदलपुर। संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना के कार्य प्रारंभ होने की दिशा में हुई प्रगति के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री से विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा महोत्सव 2026 के प्रमुख आयोजनों का दूरदर्शन पर विशेष लाइव प्रसारण तथा आकाशवाणी से विशेष एवं सीधा प्रसारण कराने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा लगभग 600 वर्षों से चली आ रही अद्वितीय जनजातीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा है। अपनी विशिष्ट पूजा पद्धति, देवी-देवताओं की परंपराओं, जनजातीय रीति-रिवाजों, मुरिया दरबार, रथ परिक्रमा और सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था के कारण बस्तर दशहरा देश के अन्य दशहरा आयोजनों से अलग विशिष्ट पहचान रखता है।

सांसद ने बस्तर दशहरा के 600 वर्ष के इतिहास, धार्मिक परंपराओं, जनजातीय संस्कृति, लोकजीवन तथा बदलते और विकसित होते बस्तर पर उच्चस्तरीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माण का भी आग्रह किया, ताकि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।

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सांसद महेश कश्यप ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव के कारण बस्तर की पहचान देश-दुनिया में भय और हिंसा से जोड़कर देखी जाती रही। आज बस्तर नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर शांति, विकास और नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बस्तर दशहरा देश और दुनिया के सामने एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध एवं विकासशील बस्तर की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर दशहरा के अवसर पर बस्तर पहुंचकर मुरिया दरबार में सहभागिता की थी। वहीं इस वर्ष महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के बस्तर दशहरा महोत्सव में आगमन की संभावना है। ऐसे में इस वर्ष के आयोजन का राष्ट्रीय महत्व और भी बढ़ गया है।

सांसद के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर दशहरा की विशेष कवरेज, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारण तथा डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री के त्वरित एवं सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर की 600 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच मिलना पूरे बस्तरवासियों के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा केवल बस्तर का पर्व नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं की जीवंत पहचान है। दूरदर्शन, आकाशवाणी और डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बस्तर की संस्कृति, परंपरा और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया के सामने प्रभावी रूप से प्रस्तुत होगी। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान और उसकी सांस्कृतिक समृद्धि को वैश्विक मंच मिलेगा।

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