सेवा जिसका संस्कार, लंगर जिसकी पहचान… बस्तर की आपदा में सिख समाज भला कैसे रहता पीछे!

जगदलपुर। बस्तर में आई भीषण बारिश और बाढ़ की आपदा के बीच जरूरतमंदों की मदद के लिए सिख समाज ने सेवा का हाथ आगे बढ़ाया है। सिख समाज द्वारा आपदा प्रभावित लोगों के लिए लंगर सेवा शुरू कर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

सिख समाज के अध्यक्ष सरवन सिंह जी ने कहा कि इस कठिन और आपदा की घड़ी में उनकी पूरी कमेटी के साथ-साथ सम्पूर्ण सिख समाज शासन-प्रशासन के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि संकट के समय जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है और मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है।

सिख समाज अपनी सेवा, समर्पण और भाईचारे के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। गुरु नानक देव जी द्वारा शुरू की गई लंगर की परंपरा आज भी जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर हर जरूरतमंद तक भोजन पहुंचाने का संदेश देती है।

प्राकृतिक आपदा हो, महामारी हो या फिर रोजमर्रा की जिंदगी में किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता—सिख समाज हमेशा सेवा के लिए आगे आता रहा है। बस्तर में भी इस आपदा की घड़ी में शुरू की गई लंगर सेवा मानवता, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बन रही है।

आपदा के समय एक-दूसरे का सहारा बनना ही सच्ची इंसानियत है।

आशीष श्रीवास्तव

Founder & Editor-in-Chief

BMN – BASTAR MATI NEWS

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