किलेपाल में समाज के सदस्यों से की आत्मीय मुलाकात, जनजातीय परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर
जगदलपुर। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप आज किलेपाल पहुंचे। यहां उन्होंने विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक रथ को खींचने की पीढ़ियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करने वाले माड़िया समाज के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने समाज के सदस्यों को बस्तर दशहरा में शामिल होकर ऐतिहासिक रथ खींचने की गौरवशाली परंपरा में सहभागिता निभाने के लिए ससम्मान आमंत्रित किया।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं, जनजातीय आस्था और सांस्कृतिक वैभव के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस महापर्व में माड़िया समाज की सहभागिता पीढ़ियों से चली आ रही गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट बनाती है। ऐतिहासिक रथ को खींचने की परंपरा जनजातीय समाज की आस्था, समर्पण और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि माड़िया समाज के सदस्यों से आत्मीय संवाद कर बस्तर दशहरा की परंपराओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। साथ ही, इस ऐतिहासिक उत्सव में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें आमंत्रित किया गया।

सांसद महेश कश्यप ने आगे कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और पीढ़ियों से संरक्षित परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। इस महापर्व की विशिष्टता विभिन्न समाजों की सहभागिता और अपनी परंपराओं के प्रति उनके अटूट विश्वास में निहित है।

उन्होंने मां मावली एवं मां दंतेश्वरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि बस्तर की यह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अक्षुण्ण बनी रहे और बस्तर दशहरा की गौरवशाली परंपराएं निरंतर आगे बढ़ती रहें।






