झारउमरगांव के रथ निर्माताओं के बीच पहुंचे सांसद, कारीगरों को वस्त्र वितरित कर बढ़ाया उत्साह
जगदलपुर, 12 अक्टूबर 2026। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की तैयारियां इन दिनों जोरों पर हैं। लगभग 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व की परंपराओं के बीच पारंपरिक रथ निर्माण का कार्य भी तेजी से जारी है। इसी क्रम में बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप जगदलपुर स्थित सिरहासार पहुंचे, जहां झारउमरगांव के कारीगर विशाल पारंपरिक रथ के निर्माण में जुटे हुए हैं।

इस दौरान सांसद महेश कश्यप ने रथ निर्माण में लगे कारीगरों को वस्त्र वितरित किए और स्वयं भी रथ निर्माण कार्य में हाथ बंटाकर श्रमदान किया। उनके इस सहभागितापूर्ण प्रयास के जरिए बस्तर की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला से जुड़े कारीगरों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

बस्तर दशहरा की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सांसद का कारीगरों के बीच पहुंचकर उनके साथ काम करना विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने निरीक्षण और मार्गदर्शन तक सीमित रहने के बजाय स्वयं रथ निर्माण में सहभागिता निभाई और कारीगरों का उत्साह बढ़ाया।

हस्तकौशल में भी रखते हैं रुचि
ज्ञात हो कि सांसद महेश कश्यप को बढ़ईगिरी, मकान निर्माण, मैकेनिक कार्य और मूर्तिकला सहित विभिन्न प्रकार के हस्तकौशल का अनुभव है। बताया जाता है कि उन्होंने अपना घर भी स्वयं बनाया है। इसके अलावा वे लकड़ी से खिड़की-दरवाजे, पलंग और अन्य उपयोगी वस्तुओं का निर्माण भी कर चुके हैं। रथ निर्माण में उनका प्रत्यक्ष सहयोग पारंपरिक श्रम और शिल्पकला के प्रति उनकी रुचि को दर्शाता है।
पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा के संवाहक हैं कारीगर
बस्तर दशहरा की विशिष्ट पहचान यहां की लोकपरंपराओं, सामूहिक सहभागिता और पीढ़ियों से चली आ रही शिल्पकला में निहित है। झारउमरगांव के कारीगर इस परंपरा के महत्वपूर्ण संवाहक हैं, जो अपनी कला और मेहनत से दशहरा के विशाल पारंपरिक रथ का निर्माण करते हैं।
सांसद महेश कश्यप द्वारा कारीगरों को वस्त्र वितरित करने के साथ ही रथ निर्माण में स्वयं श्रमदान करना, बस्तर दशहरा की सांस्कृतिक परंपराओं और उनसे जुड़े शिल्पकारों के महत्व को रेखांकित करता है।






