सीएससी संचालकों और व्यापारियों को साइबर ठगी से बचाव के बताए तरीके, स्कूलों और हाट-बाजारों तक पहुंच रहा जागरूकता अभियान
जगदलपुर। बढ़ते डिजिटल लेन-देन के दौर में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए नानगुर पुलिस द्वारा विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देशानुसार थाना प्रभारी निरीक्षक गणेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्रवासियों को साइबर सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति लगातार जागरूक कर रही है

इसी क्रम में 29 अगस्त को नानगुर थाना परिसर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें क्षेत्र के सीएससी केंद्र संचालकों और स्थानीय व्यापारियों को आमंत्रित कर साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान पुलिस अधिकारियों ने फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और बैंकिंग फ्रॉड से बचने के उपाय बताए। लोगों को विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, बैंक खाते अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन भुगतान करने या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की गई।
स्कूलों और हाट-बाजारों तक पहुंच रहा अभियान
नानगुर पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता अभियान को केवल थाना परिसर तक सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस टीम क्षेत्र के स्कूलों, हाट-बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर आम नागरिकों से सीधा संवाद कर रही है और उन्हें साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया जा रहा है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी साइबर ठगी के शिकार होते हैं या उन्हें कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखाई देती है, तो बिना देरी किए पुलिस को इसकी सूचना दें।
नानगुर पुलिस का यह अभियान आमजन को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के साथ ही “साइबर अपराध मुक्त बस्तर” के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





