कार्यपरिषद की बैठक के दौरान NSUI का उग्र प्रदर्शन, भर्ती में भ्रष्टाचार की जांच की मांग

जगदलपुर, 03 अगस्त। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक के दौरान सोमवार को एनएसयूआई बस्तर ने विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर उग्र प्रदर्शन कर वर्ष 2025 एवं 2026 की भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय परिसर के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार पर ही विरोध प्रदर्शन किया।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की वर्ष 2025 की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं, नियमों की अनदेखी तथा कुलपति पर लगे कथित भ्रष्टाचार और लेन-देन के आरोपों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद अब तक पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में भी केवल Application ID जारी की गई है और अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि वर्ष 2025 एवं 2026 की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, मेरिट सूची एवं साक्षात्कार (इंटरव्यू) के अंक सार्वजनिक किए जाएं तथा यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।

एनएसयूआई प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति पर भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार एवं लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की सच्चाई सामने लाने का एकमात्र रास्ता स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन पारदर्शिता का दावा करता है, तो उसे भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सभी अभिलेख सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों एवं योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन द्वारा शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन को और व्यापक करेगी।

विश्वविद्यालय अध्यक्ष पंकज केवट ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण लंबित रखा जाना गंभीर विषय है। कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन करते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।

इस दौरान प्रदेश महासचिव ज्योति राव, प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया, युवा कांग्रेस नेता जशकेतन जोशी, प्रदेश सचिव माज लिल्लाह, बस्तर विधानसभा अध्यक्ष नंदू बिसाई, विश्वविद्यालय अध्यक्ष पंकज केवट, ब्लॉक अध्यक्ष कर्तव्य आचार्य, हंशु नाग, दीपेश पांडेय, करणजीत सिंह, कुणाल पांडेय, समीर कुमार, रेहान रिज़वी, वैभव पाणिग्रही, तन्मय चौहान, भुवनेश्वर कश्यप, अश्विन कश्यप, खेमराज सेठिया, आशीष बघेल, यश ध्रुव, पवन गोटा, आकाश मंडल, तनिष परिहार सहित अन्य एनएसयूआई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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