जगदलपुर, 07 सितंबर 2026। धरमपूरा-जगदलपुर स्थित सौंडिक भवन, एलआईसी रोड में श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को सप्तम एवं अंतिम कथा दिवस रहा। कथा के सप्तम दिवस श्रद्धालुओं ने सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं श्री सुखदेव विदाई जैसे भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का श्रवण किया।

कथा वाचक श्री अनादि जी महाराज ने श्रीमद् भागवत के इन प्रसंगों की आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम, समर्पण और जीवन के वास्तविक मूल्यों का संदेश दिया। सुदामा चरित्र के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण और भक्त के बीच प्रेम, सच्ची मित्रता, समर्पण एवं निष्काम भक्ति की महत्ता बताई गई। वहीं राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग के माध्यम से जीवन की नश्वरता तथा ईश्वर भक्ति के महत्व को समझाया गया।
सातवें दिवस की कथा के साथ ही श्रीमद् भागवत कथा के सात दिवसीय कथा-वाचन चरण का समापन हुआ। इस दौरान कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण में कथा का श्रवण किया।
जीरो वेस्ट थीम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेशआयोजन की एक विशेष पहल ‘जीरो वेस्ट’ थीम रही। आयोजन समिति द्वारा कथा स्थल पर किसी भी प्रकार के प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं एवं समाज को पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त आयोजन का सकारात्मक संदेश दिया गया।
कथा के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था सौंडिक समाज द्वारा की गई।आयोजन समिति ने श्रद्धालु भक्तों से आग्रह किया है कि वे सपरिवार कथा स्थल पर पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागी बनें और पुण्य लाभ प्राप्त करें।
समिति ने बताया कि 08 सितंबर 2026, मंगलवार को प्रातः 9:00 बजे पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सौंडिक भवन में भंडारा एवं महाप्रसाद का आयोजन होगा।






