सिरहासार से कोतवाली चौक तक निकली रैली, महापौर संजय पांडे ने कहा—इतिहास की पीड़ा और बलिदान को सदैव याद रखना जरूरी
जगदलपुर। 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर नगर पालिक निगम जगदलपुर के आह्वान पर सिरहासार से मौन मशाल रैली निकाली गई। रैली सिरहासार से प्रारंभ होकर कोतवाली चौक पहुंची। हाथों में जलती मशालें लिए बड़ी संख्या में नगरवासी एवं भाजपा कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए और भारत विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन का दर्द झेलने वाले लाखों लोगों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित की।

रैली के दौरान प्रतिभागियों ने विभाजन के दौर की पीड़ा, संघर्ष, त्याग और बलिदान को स्मरण किया। प्रभावित परिवारों और उनके संघर्षों को याद करते हुए नई पीढ़ी को इतिहास के उस कठिन दौर से परिचित कराने का संदेश दिया गया।

मौन मशाल रैली में शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, नगर निगम का अमला, युवा वर्ग एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। रैली के दौरान पूरा वातावरण गंभीर और भावपूर्ण नजर आया। प्रतिभागियों ने मौन रहकर विभाजन की विभीषिका में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

इस अवसर पर महापौर संजय पांडे ने कहा कि “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के संघर्ष, पीड़ा, त्याग और बलिदान को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने देश के विभाजन के दौरान अपना सब कुछ खो दिया। असंख्य परिवारों को अपने घर-बार छोड़कर विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा और लाखों लोगों ने अपने प्राण गंवाए।

”उन्होंने कहा कि सिरहासार से कोतवाली चौक तक निकाली गई मौन मशाल रैली के माध्यम से उन सभी पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मशाल इस बात का प्रतीक है कि इतिहास की उन पीड़ाओं और बलिदानों की स्मृति सदैव जीवित रहे!
महापौर ने कहा कि हमें अतीत से सीख लेते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। नई पीढ़ी को विभाजन की त्रासदी और उससे जुड़े संघर्षों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।
उन्होंने कहा कि देश मजबूत, एकजुट और सद्भावपूर्ण रहे, यही विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सभी का संकल्प होना चाहिए।






