वीआईपी मूवमेंट वाले इस मार्ग पर आखिर कब होंगे स्थायी सुरक्षा इंतजाम?
जगदलपुर। कभी शहर की शान और व्यवस्थित यातायात का प्रतीक माना जाने वाला जगदलपुर का गौरव पथ आज लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण चिंता और दहशत का विषय बनता जा रहा है। कोतवाली थाना क्षेत्र से लालबाग चौक तक का यह महत्वपूर्ण मार्ग अब आम नागरिकों की नजर में एक “ब्लैक स्पॉट” के रूप में पहचान बनाने लगा है। बीते 10 दिनों के भीतर इस मार्ग पर 3 सड़क हादसे सामने आए हैं, जिनमें दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने न केवल शहरवासियों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसों के बाद कुछ दिनों तक कार्रवाई और चर्चा जरूर होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम दिखाई नहीं देते।
इस मार्ग की सबसे बड़ी विशेषता और विडंबना यह है कि इसी सड़क पर बस्तर संभाग के आयुक्त, आईजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के शासकीय आवास स्थित हैं। दिन-रात वीआईपी और आम नागरिकों की आवाजाही रहने के बावजूद सड़क सुरक्षा को लेकर पर्याप्त और स्थायी इंतजाम अब तक नहीं किए जा सके हैं।
विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार गौरव पथ की चौड़ी सड़क और वाहनों की तेज रफ्तार दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। लालबाग चौक के आसपास कई दिशाओं से वाहनों की आवाजाही होने, पर्याप्त गति नियंत्रण उपायों की कमी और चेतावनी संकेतकों के अभाव के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।
हालांकि यातायात पुलिस समय-समय पर तेज रफ्तार, बिना हेलमेट, मॉडिफाइड साइलेंसर और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई करती रही है, लेकिन केवल कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। सड़क इंजीनियरिंग, वैज्ञानिक ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा उपायों पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और यातायात पुलिस से मांग की है कि गौरव पथ और लालबाग चौक क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराया जाए तथा दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन कर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। लोगों ने इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर, स्पष्ट रोड मार्किंग, चेतावनी संकेतक, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
शहरवासियों का कहना है कि हर हादसे के बाद शोक व्यक्त करना और औपचारिक कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े।
लगातार हो रही दुर्घटनाएं अब केवल खबर नहीं रह गई हैं, बल्कि यह सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बन चुकी हैं। यदि समय रहते सरकार और संबंधित विभागों ने इस दिशा में ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए, तो आशंका है कि आने वाले दिनों में और भी परिवार सड़क हादसों की त्रासदी का शिकार हो सकते हैं।
सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ऐसे में सरकार, प्रशासन और संबंधित विभागों को इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करनी होगी, ताकि जगदलपुर का गौरव पथ एक बार फिर सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात का प्रतीक बन सके।





