PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर में कांग्रेस के संघर्ष और बलिदान को किया याद, बोले—संगठन को मजबूत करने के नए संकल्प की शुरुआत
जगदलपुर। बस्तर संभाग के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों एवं जिला मास्टर ट्रेनर्स के लिए जगदलपुर स्थित गणपति रिसॉर्ट में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को उत्साह, ऊर्जा और संगठन को नई मजबूती देने के संकल्प के साथ समापन हुआ। प्रशिक्षण के दौरान कांग्रेस की विचारधारा एवं इतिहास, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, जनसंवाद, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों सहित विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेताओं एवं प्रशिक्षकों ने मार्गदर्शन दिया।

प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिवस छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सलवाद के खिलाफ कांग्रेस के संघर्ष और बस्तर में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती कांग्रेस के संघर्ष, साहस और बलिदान की साक्षी रही है। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बस्तर में शांति, लोकतंत्र और बेहतर भविष्य के लिए लगातार संघर्ष किया है तथा अनेक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस संगठन केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने वाला संगठन नहीं है, बल्कि जनता के सुख-दुख में निरंतर उनके साथ खड़ा रहने वाला संगठन है। बस्तर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मजबूत जमीनी पकड़ और जनता से सीधा संवाद पार्टी की बड़ी ताकत है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी और अनुभव को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं तक पहुंचाएं तथा संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाएं।
समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है। अब प्रशिक्षण से मिली सीख को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए, उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को समझें तथा जनहित से जुड़े विषयों पर मजबूती से आवाज उठाएं।
गैदु ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मात्र नहीं है, बल्कि संगठन को और अधिक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देने और आने वाले समय में जनहित के मुद्दों को लेकर प्रभावी संघर्ष करने के नए संकल्प की शुरुआत है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी युगल पांडे ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है। ब्लॉक से लेकर बूथ स्तर तक बेहतर समन्वय, निरंतर संवाद और सक्रियता के माध्यम से संगठन को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इन विषयों पर हुआ प्रशिक्षण
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। इसमें कांग्रेस की विचारधारा एवं इतिहास, संगठन निर्माण, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क एवं जनसंवाद, सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तथा वर्तमान राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में संगठन की भूमिका जैसे विषय शामिल रहे।
प्रशिक्षण में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों एवं जिला मास्टर ट्रेनर्स ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर संवाद एवं चर्चा के साथ अपने अनुभव भी साझा किए तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर मंथन किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बस्तर में कांग्रेस का संगठन संघर्ष, सेवा और बलिदान की लंबी परंपरा से जुड़ा है। प्रशिक्षण शिविर से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में लेकर जाएंगे और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ ही जनता के बीच कांग्रेस की विचारधारा एवं जनहित के मुद्दों को मजबूती से पहुंचाने का काम करेंगे।
अंत में प्रशिक्षणार्थियों ने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, बूथ स्तर तक कांग्रेस को सक्रिय एवं सशक्त बनाने तथा जनता के अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करने का संकल्प लिया। इस संकल्प के साथ बस्तर संभाग के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों एवं जिला मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।





