‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन को लेकर मिताली चौक में जमकर हंगामा, नारेबाजी से लेकर तीखी बहस और धक्का-मुक्की तक पहुंचा मामला; दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप
जगदलपुर। शहर के सिरहासार चौक और मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य दीपोत्सव से ठीक पहले गुरुवार को माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब आयोजन की तैयारियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाने की तैयारियों के बीच मिताली चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं और छोटे व्यापारियों के कारोबार प्रभावित होने को लेकर विरोध जताया।

मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके सामने अपनी आपत्तियां रखीं। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो/रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी की स्थिति बनी। बाद में विवाद और बढ़ने पर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और कथित तौर पर जूते-चप्पल लहराने जैसी स्थिति सामने आने की बात कही गई है।
व्यापारियों के मुद्दे से शुरू हुआ विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि दीपोत्सव की तैयारियों के चलते क्षेत्र के फूड स्टॉल, ठेले और गुमटियों को हटाए या बंद कराए जाने से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मिताली चौक में विरोध दर्ज कराया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आयोजन के दौरान दुकानदारों और श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा व्यवस्थाओं को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए।
विजय शर्मा के सामने रखी गई आपत्तियां
विरोध के बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने कार्यकर्ताओं की बात सुनने और स्थिति को समझने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान माहौल गर्म हो गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक होने लगी।
कांग्रेस ने लगाए बदसलूकी के आरोप
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने घटनाक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर बस्तर की आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा स्थान है और ऐसे स्थान पर महिलाओं तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कथित अभद्रता का विरोध होना स्वाभाविक है।
मौर्य ने आयोजन स्थल के चयन और व्यापारियों को हो रही कथित परेशानी को भी मुद्दा बनाते हुए कहा कि राजनीतिक कार्यक्रम और धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल की मर्यादा के बीच संतुलन जरूरी है।
महापौर संजय पांडे ने कांग्रेस पर किया पलटवार
वहीं महापौर संजय पांडे ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि कांग्रेस द्वारा जानबूझकर आयोजन में व्यवधान पैदा करने की कोशिश की गई।
महापौर के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सामने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि विवाद के दौरान महिलाओं की ओर से जूते फेंकने जैसी स्थिति बनी। ये आरोप भाजपा पक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
एक ही घटनाक्रम, आमने-सामने दो दावे
दीपोत्सव से पहले हुए इस विवाद में दोनों राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कांग्रेस जहां व्यापारियों के नुकसान, आयोजन स्थल, यातायात और मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर की मर्यादा को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा की ओर से इसे दीपोत्सव में राजनीतिक विरोध और व्यवधान के रूप में बताया जा रहा है।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर और सिरहासार चौक पर सवा लाख दीप प्रज्वलित करने की तैयारियां की गई थीं।
फिलहाल दीपोत्सव की तैयारियों के बीच सामने आया यह विवाद शहर की राजनीतिक हलचल का केंद्र बन गया है। दीप जलने से पहले जिस जगह आस्था और उत्सव का माहौल होना था, वहीं आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी ने सियासी गर्मी बढ़ा दी।






