जगदलपुर, 10 अगस्त। बस्तर दशहरा महापर्व के दौरान राजवाड़ा परिसर में लगाए जाने वाले मीना बाजार को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। राजवाड़ा परिसर से लगे शिवमंदिर वार्ड, भैरमदेव वार्ड, विजय वार्ड एवं सुभाष वार्ड के रहवासियों ने मीना बाजार की अनुमति नहीं दिए जाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। अभियान के बाद जल्द ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है।

हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बस्तर दशहरा महापर्व के दौरान राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति नहीं दी जाए। इसके स्थान पर पर्याप्त पार्किंग और यातायात व्यवस्था वाले किसी वैकल्पिक स्थान पर मीना बाजार आयोजित करने की व्यवस्था की जाए।
वार्डवासियों का कहना है कि बस्तर दशहरा के दौरान सिरासार चौक एवं राजमहल परिसर मुख्य आयोजन स्थलों में शामिल रहते हैं और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ प्रदेश, देश एवं विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगने से आसपास के इलाकों में यातायात और पार्किंग की समस्या गंभीर हो जाती है।
अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात से परेशान रहवासी
ज्ञापन में कहा गया है कि मीना बाजार के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले लोग अपने वाहनों को वार्डों की संकरी गलियों और घरों के सामने खड़ा कर देते हैं। इससे जाम की स्थिति निर्मित होती है और स्थानीय रहवासियों को अपने घरों से निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों के अनुसार यह समस्या प्रतिवर्ष सामने आती रही है और पूर्व में भी प्रशासन एवं मीना बाजार संचालकों को इससे अवगत कराया जा चुका है।
रहवासियों का आरोप है कि मीना बाजार के आयोजन के दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था तथा पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस सहायता केंद्र के माध्यम से सुरक्षा एवं व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।
करोड़ों के कारोबार और राजस्व को लेकर भी सवालहस्ताक्षर अभियान से जुड़े लोगों ने मीना बाजार में होने वाले बड़े पैमाने के कारोबार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि राजवाड़ा परिसर जैसे ऐतिहासिक एवं बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजन स्थल पर मीना बाजार लगाने के बजाय ऐसे स्थान का चयन किया जाना चाहिए, जहां पर्याप्त पार्किंग और यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो।ज्ञापन में प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मीना बाजार से होने वाले कारोबार की नियमानुसार राजस्व वसूली सुनिश्चित की जाए और यदि बाजार लगाया जाना है तो उसे पर्याप्त पार्किंग सुविधा वाले वैकल्पिक स्थान पर आयोजित किया जाए।
अनुमति दी गई तो आंदोलन की चेतावनी
वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद राजमहल परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति दी जाती है, तो चारों वार्डों के निवासी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं, अभियान से जुड़े लोगों ने राज परिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव सहित नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि मीना बाजार की अनुमति को लेकर पूर्व में भी नगर निगम और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनुमति एवं व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने के बजाय प्रशासन को स्पष्ट नीति बनाकर राजवाड़ा परिसर में होने वाली यातायात एवं पार्किंग संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए
अब देखना होगा कि हस्ताक्षर अभियान के बाद जिला प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और आगामी बस्तर दशहरा के दौरान मीना बाजार के लिए कौन सा स्थान निर्धारित किया जाता है।






