यूसीसी आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ : दीपक बैज

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों का कल से जगदलपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सरकार पर साधा निशाना

जगदलपुर, 29 अगस्त 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को संभाग मुख्यालय स्थित राजीव भवन में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर आदिवासी हितों, युवाओं, बिजली व्यवस्था, खनिज संसाधनों और नक्सल प्रभावित परिवारों के मुद्दों को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) आदिवासियों को प्राप्त विशेष संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है और कांग्रेस इसका विरोध करेगी।

पत्रकारवार्ता के दौरान दीपक बैज ने बताया कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 अगस्त से जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पांचों संभागों में आयोजित किए जाएंगे, जिसके माध्यम से संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

यूसीसी को लेकर कांग्रेस का विरोध

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने के लिए यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि इसके लागू होने से आदिवासी समाज को संविधान के तहत मिल रहे विशेष प्रावधान प्रभावित होंगे। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का लगाया आरोप

युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि विश्वविद्यालय में तीन परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए हैं और यह केवल सामने आए मामलों तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती, आरआई प्रमोशन, पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती और पीएससी की एएसआई भर्ती सहित विभिन्न परीक्षाओं एवं भर्तियों में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

इसे भी पढ़िए -   जगदलपुर में "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान"आयोजित, युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ

बिजली के निजीकरण का भी किया विरोध

बिजली व्यवस्था को लेकर दीपक बैज ने कहा कि बिजली के दाम बढ़ाने, 400 यूनिट तक मिलने वाली छूट समाप्त करने और स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अब सरकार बिजली कंपनी के शेयर बेचने तथा निजी कंपनियों को बिजली सप्लाई का ठेका देने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करेगी और पार्टी द्वारा चलाए जा रहे बिजली सत्याग्रह में बिजली के निजीकरण का विरोध भी प्रमुख मुद्दा रहेगा।

नक्सल मुक्त गांवों के विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये देने के वादे पर सवाल

बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर बैज ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम 2025 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सल मुक्त घोषित गांवों को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी। अब सरकार को बताना चाहिए कि यह राशि कब जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवार आज भी मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। वहीं मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित लोगों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है।

आदिवासियों की रिहाई को लेकर सरकार से सवाल

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नक्सलियों का सहयोगी होने के फर्जी आरोपों में जेलों में बंद हजारों आदिवासियों की रिहाई को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में आपसी समन्वय का अभाव दिखाई दे रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं, जबकि छत्तीसगढ़ को उसका उचित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती से जुड़े खर्च की राशि राज्य से वसूलने का भी आरोप लगाया।

इसे भी पढ़िए -   जलकर नहीं चुकाया तो कटेगा नल कनेक्शन, होगी कुर्की की कार्रवाई

बैज ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी प्रदेश की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “डबल इंजन की सरकार आम जनता के लिए ट्रबल इंजन साबित हो रही है।”

खनिज संसाधनों के निजीकरण और नए खनिज कानून का विरोध

बस्तर के खनिज संसाधनों को लेकर भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का निजीकरण और असंतुलित दोहन बंद होना चाहिए। उन्होंने एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में लाने की मांग करते हुए कहा कि इससे राज्य को केंद्रीय करों में उचित हिस्सा मिल सकेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

बैज ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को बस्तर के आर्थिक एवं सामाजिक हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा के नया खनिज संसाधन कानून लागू किया है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची के प्रावधान प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि डीएमएफ और सीएसआर मद की राशि के उपयोग को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं और अब नए कानून के माध्यम से आदिवासी हितों की अनदेखी की जा रही है। कांग्रेस ने खनिज संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय अधिकारों और बस्तर के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

ये रहे मौजूद

पत्रकारवार्ता में प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, गौरनाथ नाग, पूर्व सभापति कविता साहू, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र परिहार, महामंत्री जाहिद हुसैन, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, कोषाध्यक्ष रविशंकर तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निकेत राज झा, विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष विजय दास, सहदेव नाग, जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी शादाब अहमद, सलीम जाफर अली, मोहसिन खान, चमन देहारी, आदर्श दलाई, खीरेंद्र यादव सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *