नगरनार स्टील भर्ती में स्थानीय युवाओं की उपेक्षा स्वीकार नहीं, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर, 06 अगस्त 2026। एनएमडीसी स्टील लिमिटेड, नगरनार द्वारा जारी Executive Trainee भर्ती (Employment Notification No. 05/2026) में बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने जिला प्रशासन के माध्यम से विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्राधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की मांग की है।

मोर्चा का कहना है कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर की भूमि पर स्थापित एक महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजना है। ऐसे में यहां की भर्ती प्रक्रिया में बस्तर के योग्य एवं शिक्षित युवाओं तथा परियोजना प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। संगठन का आरोप है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के हितों की अनदेखी की गई है, जिससे उनमें व्यापक असंतोष है।

ज्ञापन माननीय राज्यपाल, मुख्य सचिव, संभागायुक्त, कलेक्टर बस्तर, एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD), मुख्य महाप्रबंधक (CGM) सहित संबंधित मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों को प्रेषित किया गया है।

मोर्चा ने मांग की है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर संशोधित किया जाए तथा भर्ती नियमों में स्थानीय प्राथमिकता का स्पष्ट प्रावधान जोड़ा जाए। साथ ही बस्तर संभाग के सातों जिलों के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत योग्य एवं शिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थियों तथा परियोजना प्रभावित परिवारों को विधिसम्मत प्राथमिकता प्रदान की जाए।

संगठन ने यह भी मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत ग्रुप डिस्कशन एवं इंटरव्यू नगरनार स्टील प्लांट अथवा जगदलपुर में आयोजित किए जाएं, ताकि स्थानीय अभ्यर्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। इसके अलावा चयन समिति में राज्य सरकार के विधि विशेषज्ञ, विषय विशेषज्ञ तथा स्वतंत्र विशेषज्ञों को शामिल कर पूरी चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाए।

इसे भी पढ़िए -   कला के माध्यम से अभिव्यक्ति भी एक बड़ा हुनर : वनमंत्री केदार कश्यप

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी राज्य विशेष के युवाओं के विरोध में नहीं है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 16, 21, 38, 39(ख), 46, पाँचवीं अनुसूची तथा पेसा अधिनियम की भावना के अनुरूप बस्तर के स्थानीय युवाओं के न्यायसंगत अधिकारों की मांग को लेकर चलाया जा रहा है।

मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय युवाओं के संवैधानिक एवं वैधानिक हितों की लगातार अनदेखी की गई तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं संबंधित प्रबंधन की होगी।

इस दौरान बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा की प्रमुख पदाधिकारी श्रीमती अलका आनंद, निहारिका सिंह, आकाश जॉन, किरण, पदमा माला, संतरा, कुंती, कमल बघेल, बन्दी कश्यप तथा लिम्बु मांडवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *