भर्ती में पारदर्शिता, कर्मचारियों के नियमितीकरण और छात्र नेताओं पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग
जगदलपुर, 30 जुलाई। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के खिलाफ नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने मोर्चा खोलते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर भ्रष्टाचार, तानाशाही और अपारदर्शिता के गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को संभाग मुख्यालय स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में NSUI बस्तर (शहर) के जिला अध्यक्ष विशाल खंबारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से बस्तर के युवाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और योग्य स्थानीय अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता में NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में प्राध्यापक, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर चल रही सीधी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी है। संगठन का कहना है कि दावा-आपत्ति सूची में अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं कर केवल आवेदन आईडी जारी की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों से अधिक समय से कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के बजाय नए पदों का विज्ञापन जारी कर उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। NSUI का कहना है कि इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।

प्रेस वार्ता में छात्र नेताओं पर दर्ज मामलों का मुद्दा भी उठाया गया। NSUI ने आरोप लगाया कि 18 मई को शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने जैसी मांगों को लेकर ज्ञापन देने वाले छात्र नेताओं पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से एफआईआर दर्ज कराई गई, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
NSUI की प्रमुख मांगें
वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए।
भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर सभी अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
छात्र नेताओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
वर्तमान कुलपति को पद से हटाकर विश्वविद्यालय में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जाए।

NSUI ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्यों को ज्ञापन सौंपने के साथ ही जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति एवं राज्यपाल तक भी अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी कार्यपरिषद की बैठक के दिन पूरे बस्तर संभाग के छात्रों को एकजुट कर विश्वविद्यालय का चरणबद्ध घेराव किया जाएगा। NSUI का कहना है कि जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन लगातार जारी रहेगा।






