नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद वेंकटेश जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व संभाल रहे थे। शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब वे एक साथ कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व कर रहे हैं।

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को तत्कालीन मैसूर राज्य (वर्तमान कर्नाटक) के बीजापुर में हुआ था। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे और माता का नाम मालतीबाई जोशी है। उनका बचपन सामान्य पारिवारिक माहौल में बीता।
शिक्षा कहां से हासिल की?
प्रह्लाद जोशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने हुबली स्थित श्री कडासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल की।
1992 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी पहली बार वर्ष 1992-94 के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े आंदोलन के कारण सुर्खियों में आए। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वर्ष 2004 में पहली बार कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। तब से वे लगातार 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में जीत दर्ज कर पांच बार लोकसभा पहुंचे हैं।
कई अहम मंत्रालयों की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
केंद्र सरकार में प्रह्लाद जोशी संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। संसदीय कार्य मंत्री रहते हुए उन्होंने संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2024 से वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब शिक्षा मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी के सामने राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने तथा छात्रों का विश्वास मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी। केंद्र सरकार ने उन्हें ऐसे समय यह जिम्मेदारी सौंपी है, जब देश में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।






