किसानों की समस्याओं और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर दिया जोर, संगठन के कामकाज की भी की समीक्षा
रायपुर। भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों को सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने पदाधिकारियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार अधिक होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी के मंचों का इस्तेमाल जनहित के मुद्दों को उठाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को अभनपुर में सुनने के बाद स्मृति ईरानी कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन के कार्यों और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू और प्रदेश महामंत्री (संगठन) कर्मवीर सिंह भी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर, नेताओं का बनेगा रिपोर्ट कार्ड!
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की आईटी सेल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नजर रख सकती है। नेताओं के सोशल मीडिया हैंडल से साझा की जाने वाली सामग्री, जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता और पार्टी के कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में उनकी भूमिका के आधार पर एक ‘स्पेशल रिपोर्ट’ या ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार किए जाने की चर्चा है।
शादी-ब्याह और जन्मदिन की पोस्ट पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने पदाधिकारियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर व्यक्तिगत गतिविधियों के प्रचार को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई पदाधिकारियों के अकाउंट शादी-ब्याह की तस्वीरों और जन्मदिन के कार्यक्रमों के वीडियो से भरे रहते हैं, जबकि किसानों की समस्याओं, उनके निराकरण के प्रयासों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने पदाधिकारियों को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देने की हिदायत देते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल व्यक्तिगत प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके माध्यम से जनता की समस्याओं को सामने लाने और उनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की जानी चाहिए।
पार्टी के कार्यक्रमों और जनहित को मिले प्राथमिकता
बैठक में सेवा से संकल्प अभियान सहित पार्टी के अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। स्मृति ईरानी ने संगठन के पदाधिकारियों को पार्टी की गतिविधियों और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया संगठन और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में पदाधिकारियों को इसका उपयोग किसानों के मुद्दों, आम जनता की समस्याओं और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए अधिक प्रभावी ढंग से करना चाहिए।
बैठक के दौरान स्मृति ईरानी का अंदाज भी चर्चा में रहा। उन्होंने मंच पर बैठने के बजाय पदाधिकारियों के सामने कुर्सी लगाकर चर्चा की और संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की।
नोट: इस संभावित कवायद को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे ‘मिशन 2028-29’ के लिए संगठन की डिजिटल सक्रियता मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी और रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की इस प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।






