27 अक्टूबर से बारिश की आशंका, जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय | निचले इलाकों में विशेष सतर्कता, SDRF और होमगार्ड को तैयार रहने के निर्देश

जगदलपुर। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट पर संभावित चक्रवाती तूफान और इसके प्रभाव से प्रदेश में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए बस्तर जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। 27 अक्टूबर से बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों, विशेषकर सुकमा और दंतेवाड़ा में बारिश की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में जनहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों के साथ-साथ मैदानी अमले को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम
जिला और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। इन केंद्रों के माध्यम से मौसम की स्थिति, संभावित खतरों और चेतावनियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े अमले को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
निचले इलाकों पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने संभावित जलभराव, बाढ़ और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर लिया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और होमगार्ड के जवानों को बोट, कटर तथा अन्य आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
वहीं, जल संसाधन विभाग को प्रमुख जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जल निकासी की आवश्यकता उत्पन्न होने पर निचले बहाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सतर्क करने पर भी जोर दिया गया है।
आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
कलेक्टर आकाश छिकारा ने मौसम और सुरक्षा से जुड़ी चेतावनियां आम नागरिकों तक तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
BMN की अपील: मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें। तेज बारिश या जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना दें।






