जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के असर से बस्तर में बुधवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। लगातार हो रही झमाझम बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। बारिश का असर ऐसा रहा कि आम दिनों में व्यस्त रहने वाली शहर की सड़कों पर भी दोपहर के समय अपेक्षाकृत सन्नाटा नजर आया।

बाजारों में भी पसरा सन्नाटा
लगातार बारिश का सीधा असर शहर के बाजारों पर भी देखने को मिला। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए लोगों की आवाजाही कम रही। दुकानों में ग्राहकों की संख्या घटने से कारोबार भी प्रभावित हुआ। सामान्य दिनों में जहां बाजारों में दिनभर चहल-पहल रहती है, वहीं गुरुवार को अधिकांश समय दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए।
पुलों और नालों पर बढ़ा पानी
लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गोरिया बाहर नाला स्थित पुल पर गुरुवार शाम तक पानी लबालब भरा रहा। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में आवागमन को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बस्तर के ग्रामीण और अंदरूनी इलाकों में भी कई स्थानों पर नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर अब लगातार बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई है।
स्कूल बंद होने से बच्चों को मिली राहत
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सुबह ही स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी थी। इसके चलते बच्चे घरों में ही रहे। लगातार बारिश के बीच अभिभावकों ने भी बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों को पार कर स्कूल पहुंचने वाले बच्चों के लिए छुट्टी राहत भरी रही।
खराब मौसम का हवाई यातायात पर भी असर
बारिश और खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। जगदलपुर से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट रद्द करनी पड़ी। इसके चलते 30 से अधिक यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। यात्रियों को मौसम सामान्य होने और अगली उड़ान का इंतजार करना पड़ा।
वहीं, बस सेवाएं अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होती रहीं, लेकिन लगातार बारिश के कारण यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही।
आगे भी बिगड़ सकते हैं हालात
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क संपर्क और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन के सामने जलभराव, सड़क संपर्क और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर से निपटना बड़ी चुनौती हो सकती है।
कुल मिलाकर गुरुवार की लगातार बारिश ने बस्तर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सड़क से बाजार और हवाई यातायात तक बारिश का असर दिखाई दिया, वहीं बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण और अंदरूनी क्षेत्रों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।






