जगदलपुर, 5 सितंबर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पंजाब सनातन धर्म सभा, जगदलपुर द्वारा महिला सत्संग समिति, वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं पंजाब सनातन धर्म सभा युवा समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साथ भक्तिमय समापन हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग के दौरान कथा स्थल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।

कथा के समापन के अगले दिन शनिवार को कृष्णा पेट्रोल पंप के पीछे स्थित पंजाब सनातन धर्म सभा भवन में महाभंडारे एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक चले महाभंडारे में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी नागरिक एवं समाजजन पहुंचे और श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।

व्यवस्थाओं में जुटे समाजजन और युवा
महाभंडारे के दौरान श्रद्धालुओं के बैठने, भोजन, पेयजल और प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई थी। पंजाब सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों के साथ महिला सत्संग समिति एवं युवा समिति के सदस्यों ने सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई। श्रद्धालुओं को भोजन परोसने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक सदस्य पूरे समय सेवा में जुटे रहे।

सात दिनों तक भक्तिमय रहा वातावरण
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, विभिन्न अवतारों, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र सहित भक्ति, धर्म और संस्कार से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। भजनों और धार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। जयकारों के बीच भगवान श्रीकृष्ण की आरती कर जन्मोत्सव मनाया गया।
महाभंडारे में दिखी सामाजिक समरसता
महाभंडारे में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने एक साथ बैठकर महाप्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
पंजाब सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, समाजजनों, महिला सत्संग समिति, युवा समिति तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सभा की ओर से कहा गया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, धर्म, संस्कार, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से लेकर कथा के समापन और महाभंडारे तक शहरवासियों की सहभागिता ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।






