पंचम वर्ष कांवड़ यात्रा में 8 गांवों के श्रद्धालु हुए शामिल, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
सनातन जागरण का माध्यम बनी कांवड़ यात्रा : सिकंदर कश्यप
बस्तर। सनातन परंपरा और भगवान शिव के प्रति आस्था को समर्पित पंचम वर्ष कांवड़ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। कांवड़ियों ने बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के भोंड एनीकट स्थित पूंजीगुड़ा घाट से पवित्र जल भरा और करीब पांच किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बस्तर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। यात्रा में आठ गांवों के करीब 1200 कांवड़ियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

यात्रा के दौरान ग्राम पंचायत भोंड के ग्रामीणों ने कांवड़ियों के पैर धुलाकर तिलक-वंदन किया। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, फल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। वहीं यात्रा मार्ग में जगह-जगह शिवभक्तों और ग्रामीणों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत एवं उत्साहवर्धन किया।

बस्तर क्षेत्र प्राचीन काल से ही शिव उपासना और सनातन परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। क्षेत्र में मौजूद प्राचीन मंदिर, शिवलिंग और शिलालेख यहां की समृद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक परंपरा के प्रमाण हैं। बस्तर स्थित प्राचीन शिव मंदिर का संबंध 10वीं शताब्दी के कालखंड तथा तत्कालीन छिंदक नागवंशी शासकों के समय से माना जाता है। मंदिर परिसर से जुड़ा भानसागर जलाशय और प्राचीन शिवालय बस्तर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मंदिर की द्वार शाखा को सातवीं-आठवीं शताब्दी का माना जाता है।

लोकमान्यता है कि मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करने वाले निःसंतान श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती है। श्रद्धालु यहां त्रिशूल एवं धातु निर्मित नाग भी अर्पित करते हैं। मंदिर की धार्मिक परंपरा केवल महाशिवरात्रि तक सीमित नहीं है, बल्कि माघ माह में यहां प्रसिद्ध ‘गंगादई’ मेले का आयोजन भी किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक विरासत के कारण यह मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल भगवान शिव का जलाभिषेक करने की धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और अपनी प्राचीन विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पवित्र नदी से जल लेकर प्राचीन शिव मंदिर तक कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव का अभिषेक करने से श्रद्धालुओं में भक्ति के साथ-साथ सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता का भाव भी मजबूत होता है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा में सहभागिता की।
प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने कहा कि ग्रामवासियों, शिवभक्तों और समाजसेवियों ने यात्रा मार्ग में जगह-जगह कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। उनके लिए पेयजल, फल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों, समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यात्रा के दौरान विहिप जिला समरसता प्रमुख होमेश राठौर, प्रखंड मंत्री शंकर नाग, सह संयोजक चुम्मन कश्यप, जिला दुर्गावाहिनी आस्था गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष मानसिंह कोर्राम, मंत्री शिवा नाग, सत्संग प्रमुख कार्तिक नाग, संयोजक नेहरू कश्यप, प्रचार-प्रसार प्रमुख शिवांग बघेल, सह संयोजक आकाश नाग, दसी पटेल, सुलधर मौर्य, शंकर, गंजू बघेल सहित बड़ी संख्या में बजरंगी कार्यकर्ता एवं शिवभक्त उपस्थित रहे।






