झारखंड। झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के एक करोड़ रुपये के इनामी वरिष्ठ कमांडर मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ चार अन्य नक्सलियों को भी दबोचा गया है। सुरक्षा एजेंसियां सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और भविष्य की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाने में लगी हैं।

जानकारी के अनुसार यह संयुक्त कार्रवाई धनबाद और गिरिडीह जिले की सीमा से लगे मणिडीह क्षेत्र में की गई। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में चल रहे मिसिर बेसरा को सटीक खुफिया सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार मिसिर बेसरा प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) का सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो सदस्य था तथा झारखंड के कई जिलों में नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रहा था। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इस अभियान में 15 लाख रुपये के इनामी मोछू, गौरव हांसदा समेत कुल पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इनसे पूछताछ कर नक्सली संगठन के नेटवर्क, हथियार सप्लाई चेन और अन्य सक्रिय सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी संगठन की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा तथा संगठन के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।






