जगदलपुर, 8 अक्टूबर 2026। ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व को लेकर इन दिनों उत्साह अपने चरम पर है। पर्व के मुख्य आकर्षण आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के निर्माण का कार्य पूरी गति से जारी है। भव्य रथ को निर्धारित समय पर तैयार करने के लिए झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के पारंपरिक कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं।

बिना किसी आधुनिक मशीन और तकनीकी माप-जोख के ये हुनरमंद कारीगर अपनी पीढ़ियों से चली आ रही शिल्पकला और गहरी आस्था के बल पर भारी-भरकम काष्ठ लट्ठों को तराशकर विशाल विजय रथ का स्वरूप दे रहे हैं। यह परंपरा बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कारीगरों के अद्भुत कौशल का प्रतीक है।

बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा के अनुसार, तैयार किए जा रहे आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ की परिक्रमा की जिम्मेदारी किलेपाल क्षेत्र के माड़िया समुदाय के युवाओं को सौंपी जाती है।
इधर, ऐतिहासिक पर्व को भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बस्तर दशहरा आयोजन समिति भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। परंपरा, आस्था और जनभागीदारी से जुड़ा बस्तर दशहरा एक बार फिर अपनी अनूठी सांस्कृतिक पहचान के साथ पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है।






