प्रेम, शांति और सद्भाव का दिया संदेश; परिवार के सभी सदस्यों को राखी बांधकर दी शुभकामनाएं
जगदलपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ब्रह्माकुमारी मंजुला दीदी ने महापौर संजय पांडेय के निवास पहुंचकर उन्हें रक्षासूत्र बांधा। इस अवसर पर उन्होंने महापौर सहित उनके परिवार के सभी सदस्यों को राखी बांधकर स्नेह, शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

ब्रह्माकुमारी मंजुला दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्षाबंधन का पवित्र सूत्र केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, पवित्रता, विश्वास, आत्मीयता, शांति और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी के सुखी, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

इस अवसर पर महापौर संजय पांडेय ने ब्रह्माकुमारी मंजुला दीदी का स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जिसमें रिश्तों के साथ कर्तव्य, संस्कार और जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। राखी का धागा हमें केवल एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प नहीं देता, बल्कि समाज में प्रेम, विश्वास, करुणा, शांति और सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा भी देता है।

महापौर ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा आध्यात्मिक जागृति, सकारात्मक चिंतन, सामाजिक सद्भाव, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण एवं मानव सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। संस्था लोगों को बाहरी सुख-सुविधाओं के साथ-साथ आंतरिक शांति और आत्मिक शक्ति की ओर भी प्रेरित करती है। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और बदलती जीवनशैली के बीच आध्यात्मिक चेतना एवं सकारात्मक विचारों की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि राखी का यह छोटा-सा धागा भावनाओं में बहुत बड़ा होता है। इसमें बहन का स्नेह, भाई का संकल्प, परिवार का विश्वास और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी समाहित होती है।
इस दौरान ब्रह्माकुमारी मंजुला दीदी ने महापौर संजय पांडेय के परिवार के सभी सदस्यों को राखी बांधी और उनके उज्ज्वल, सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया। परिवार के सदस्यों ने भी ब्रह्माकुमारी बहनों के प्रति आत्मीयता एवं सम्मान व्यक्त किया।
महापौर संजय पांडेय ने कहा कि ईश्वर से कामना है कि रक्षाबंधन का यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में प्रेम, शांति, सुख, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए तथा हमारा समाज आपसी भाईचारे, सेवा और सकारात्मक सोच की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़े।






