जगदलपुर। ‘मेरी आवाज़ मेरी पहचान’ म्यूजिकल ग्रुप, जगदलपुर द्वारा रविवार को ‘सुनहरी यादें… रफ़ी, किशोर, मुकेश नाइट’ का शानदार आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुराने दौर के सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा माहौल सुरमयी हो उठा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा, बस्तर डीआईजी कमलोचन कश्यप, एमआईसी सदस्य सुरेश गुप्ता एवं श्रीमती दीप्ति पाण्डे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का सफल संचालन अभय सामदेकर एवं निशा सतपथी ने किया। इस दौरान आर.पी. पाल, नरेश संकट, भास्कर पांडे, एम.वी. बिंटू, एम.बी. मंजूषा, अभय सामदेकर, आभा सामदेकर, महेश ठाकुर, संग्राम सिंह राणा, मंजू पाल, संगीता सिंह एवं दीपलता उइके सहित ग्रुप के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शानदार गीत प्रस्तुत किए। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला, जब बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने भी अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए लोकप्रिय गीत ‘जिस गली में तेरा घर न हो बलमा’ की खूबसूरत प्रस्तुति दी। उनकी गायकी को उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर ‘मेरी आवाज़ मेरी पहचान’ ग्रुप द्वारा जगदलपुर में संचालित सनातन क्षेत्रीय मंच (सक्षम) के भवानी सतपति, कुणाल चालीसगांवकर एवं संतोष भदौरिया का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में ग्रुप के विशेष सलाहकार राजीव नारंग, राहुल सिंह, डॉ. ज्योति लागू, ममता सिंह राणा एवं सरिता तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अगस्त माह में जन्मदिन वाले ग्रुप के कलाकारों एवं सदस्यों को सम्मानित किया गया। सम्मान और संगीत से सजी इस खुशनुमा शाम का समापन यादगार माहौल के साथ हुआ।





